अंधविश्वास को पीछे छोड़ नोएडा में दहाड़े योगी, कहा- प्रदेश में ‘माफियावाद’ लाना चाहते अखिलेश

लखनऊ। अंधविश्वास की भ्रांतियों को पीछे छोड़ आज सीएम योगी ने नोएडा में न केवल कदम रखा, बल्कि आगामी विधानसभा चुनावों में यूपी में फिर से पूर्ण बहुमत की सरकार बनाने का दावा किया। वहीं इस दौरान सीएम योगी ने सपा मुखिया अखिलेश को भी निशाने पर लेते हुए कहा कि उनकी पहली उम्मीदवारों की सूची इस बात का प्रमाण देती हैं कि भविष्य में अखिलेश गुंडों और माफियाओं की सरकार बनाना चाहती है।

बता दें, ऐसा माना जाता है कि नोएडा की धरती पर कदम रखने वाले मुख्यमंत्रियों की कुर्सी नहीं बच पाती है। इस संबंध में हाल ही में अखिलेश यादव ने भी एक बयान दिया था, जिसमें उन्होंने इस बात का इशारा दिया था कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी नोएडा की धरती पर कदम रख चुके हैं। इसलिए अब वे दोबारा मुख्यमंत्री नहीं बन पाएंगे।

खबरों के मुताबिक़ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बुधवार दोपहर गौतम बुद्ध नगर(नोएडा) पहुंचे। यहां उन्होंने राजकीय आयुर्विज्ञान संस्थान (जिम्स) के कोविड कंट्रोल रूम का जायजा लिया। साथ ही मरीजों को दी जा रहीं चिकित्सीय सुविधाओं को परखा। वहीं प्रेसवार्ता के दौरान सीएम योगी ने बिना नाम लिए अखिलेश यादव पर निशाना साधा।

CM योगी ने अपने आरोपों में कहा, उन्होंने (समाजवादी पार्टी ने) कैराना, बुलंदशहर, लोनी या अन्य क्षेत्रों से अपराधियों को टिकट दिया है। यह उनकी अपराधी मानसिकता को दर्शाता है। वे राज्य में एक बार फिर ‘माफियावाद’ लाना चाहते हैं।

यूपी के सीएम ने आगे कहा कि एक बात तो साफ है कि अपनी पहली लिस्ट जारी करने के बाद समाजवादी पार्टी बैकफुट पर है।  अब वो अपनी दूसरी सूची जारी करने में डर रहे हैं।

वहीं, योगी ने अपने पक्ष की बात करते हुए कहा कि 10 मार्च को पूर्ण बहुमत के साथ बीजेपी की सरकार बनेगी। हमारी पार्टी विकास, राष्ट्रवाद, सुशासन के कार्यों को लेकर जनता के बीच जा रही है। आज यूपी में कानून व्यवस्था का राज है।

वहीं मुलायम सिंह यादव की छोटी बहू अपर्णा यादव के बीजेपी में शामिल होने पर सीएम योगी बोले, अपर्णा यादव बीजेपी की नीतियों के चलते पार्टी से जुड़ी हैं।  हमें उम्मीद है कि वह अपने काम से भाजपा को मजबूत करेंगी।

सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यहां आना मेरे लिए इसलिए और भी जरूरी हो जाता है क्योंकि पूर्ववर्ती मुख्यमंत्रीगण यहां आने से संकोच करते थे। उनको यहां आने से सत्ता से बाहर हो जाने डर लगता था। उनके लिए स्वयं का जीवन और सत्ता महत्वपूर्ण होती थी। लेकिन जनता के हितों के लिए उनके आर्थिक उन्नयन के लिए इन नेताओं के पास एजेडा नहीं इसलिए वह ऐसा करते थे। मुझे कई बार यहां आने का मौका मिला है।

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