बड़ा ऐलान : तीन बार से चली आ रही प्रथा को तोड़ चुनावी रण में उतरेंगे योगी आदित्यनाथ

लखनऊ। बीते तीन बार के विधानसभा चुनावों में चली आ रही प्रथा को इस बार यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने बदलने का पूरा मन बना लिया है। उन्होंने एक बयान देते हुए कहा कि आगामी यूपी विधानसभा चुनावों में वह मैदान में उतर कर चुनाव लड़ेंगे। हालांकि अपनी बातों में अभी यह स्पष्ट नहीं किया है कि यूपी के किस क्षेत्र से वह चुनावी रण संभालने वाले हैं।

इसके बावजूद सीएम योगी के इस बयान के सामने आते ही राजनीति के जानकार यह अटकले लगा रहे हैं कि सीएम मुख्य रूप से अयोध्या या फिर गोरखपुर से चुनाव लड़ सकते हैं।

खबरों के मुताबिक़ रविवार को सीएम योगी का यह बयान सामने आया है, जिसके बाद उनके चुनावी रण में उतरने को लेकर लोगों में कौतूहल की स्थिति पैदा हो गई है।

सीएम योगी का यह फैसला बेहद अहम और लीक से हटकर इसलिए माना जा रहा है, क्योंकि उत्तर प्रदेश के पिछले तीन मुख्यमंत्रियों ने विधानसभा चुनाव लड़ा ही नहीं।

बता दें, 2007 में मायावती बिना चुनाव लड़े सीएम बनीं और बाद में विधान परिषद की सदस्य  बनीं। इसी तरह 2012 में अखिलेश यादव ने भी बुआ को ही फॉलो किया।

वहीं 2017 में प्रचंड बहुमत से जीतकर आए योगी आदित्‍यनाथ ने भी मायावती और अखिलेश यादव की तरह विधानसभा परिषद की ही सदस्‍यता ली थी। मगर, इस बार सीएम योगी ने फैसला ले लिया है कि वह विधानसभा लड़ेंगे।

सीएम योगी के इस ऐलान के साथ ही अब कयास लगाए जा रहे हैं कि वह गोरखपुर से चुनाव लड़ेंगे या अयोध्या से। वहीं चर्चा के केंद्र में मथुरा भी है।

एक समाचार वेबसाइट के मुताबिक़ चुनाव लड़ने का ऐलान करते वक्त सीएम योगी से जब पूछा गया कि वह खुद कहां से चुनाव लड़ना पसंद करेंगे। तो ऐसे में सीएम योगे ने कहा कि मैं सभी 403 विधानसभा सीटों से चुनाव लड़ रहा हूं।

इसके आगे उन्होंने कहा कि पार्टी जहां से कहेगी मैं चुनाव लड़ने के लिए तैयार हूं। हालांकि, अपनी बातों में योगी ने यह जरूर स्पष्ट किया कि वह चुनाव लड़ेंगे और पार्टी 300 से ज्यादा सीटें जीतेगी। 

बता दें कि योगी आदित्‍यनाथ पांच बार गोरखपुर से सांसद रह चुके हैं। 1998, 1999, 2004, 2009, 2014 में सीएम योगी लगातार पांच बार गोरखपुर सीट से जीते।

वहीं दूसरी ओर अयोध्या में राम मंदिर निर्माण चल रहा है। बीजेपी के लिए यह सबसे बड़ा मुद्दा रहा है। बरसों बाद बीजेपी के हिंदुत्‍व का ये टॉप एजेंडा साकार रूप ले रहा है। सीएम योगी ने सत्ता में आने के बाद अयोध्या की दीवाली को एकदम खास बना दिया है। अयोध्‍या इस समय न केवल देश में बल्कि विदेश में भी चर्चा के केंद्र में है।

ऐसे में अयोध्या से बीजेपी पूरे प्रदेश में हिंदुत्‍व का संदेश भेज सकती है और भगवाधारी सीएम योगी से बड़ा हिंदू आइकॉन और कौन हो सकता है। यूपी के पूर्वांचल को पहले से ही सीएम योगी का गढ़ माना जाता है।

वहीं खुद पीएम मोदी भी बनारस में विकास कार्यों के साथ पूरे पूर्वांचल को साध रहे हैं। ऐसे में अवध क्षेत्र में बीजेपी का भगवा लहराने के लिए सीएम योगी को पार्टी आगे कर सकती है। बता दें अवध क्षेत्र में 118 विधानसभा सीटें आती हैं। ऐसे में अगर पूर्वांचल और अवध पर बीजेपी कब्जा जमा लेती है तो वह आसानी बहुमत पा सकती है। वहीं अवध में सीएम योगी की मौजूदगी बीजेपी के पक्ष में हवा चला सकती है।

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