बैन होगा हिजाब या फिर कक्षा में मिलेगी पहनने की आजादी? आज आ सकता है बड़ा फैसला

नई दिल्ली कर्नाटक के स्कूल से शुरू हुआ हिजाब मुद्दा धीरे-धीरे पूरे देश में फैल गया और जगह-जगह पर इस संबंध में विरोध प्रदर्शन किए जाने लगे। आलम यह हो चला कि मामला कर्नाटक हाईकोर्ट पहुंच गया, जिसके बाद सुनिवाई का फैसला आने तक सभी स्कूलों और कॉलेजो में हिजाब को पूरी तरह से प्रतिबंधित कर दिया ताकि कुछ हद तक इस बढ़ते हुए बवाल पर विराम लगाया जा सके। ऐसे में आज यानी मंगलवार को इस हिजाव विवाद पर कर्नाटक हाईकोर्ट अपना फैसला सुना सकता है। जिस पर पूरे देश की निगाहें टिकी हुई हैं।

खबरों के मुताबिक़ कर्नाटक चीफ जस्टिस की अध्यक्षता में तीन जजों की बेंच स्कूल-कॉलेजों में मुस्लिम लड़कियों के हिजाब पहनने को लेकर अंतरिम आदेश सुनाएगी। 

बता दें, हिजाब पर रोक को लेकर कुछ छात्रों ने कर्नाटक हाईकोर्ट का रुख किया था। लेकिन हाईकोर्ट की सिंगल बेंच ने इसे तीन जजों की बेंच में ट्रांसफर कर दिया। कोर्ट ने सुनवाई के दौरान अगले आदेश तक स्कूल कॉलेजों में धार्मिक पोशाक पहनने पर रोक लगा दी थी। 

इस पर 9 फरवरी को चीफ जस्टिस रितु राज अवस्थी, जस्टिस कृष्णा एस दीक्षित और जस्टिस जेएम खाजी की बेंच का गठन किया गया था।

लड़कियों ने याचिका दायर कर मांग की थी कि उन्हें क्लास के अंदर भी हिजाब पहनने की अनुमति दी जानी चाहिए, क्योंकि यह उनकी आस्था का हिस्सा है। 

कर्नाटक में हिजाब को लेकर विवाद की शुरुआत जनवरी में हुई थी। यहां उडुपी के एक सरकारी कॉलेज में 6 छात्राओं ने हिजाब पहनकर कॉलेज में एंट्री ली थी। कॉलेज प्रशासन ने छात्राओं को हिजाब पहनने के लिए मना किया था, लेकिन वे फिर भी पहनकर आ गई थीं। इसके बाद लड़कियों ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कॉलेज प्रशासन के खिलाफ विरोध दर्ज किया था। 

इसके बाद विवाद कर्नाटक से लेकर पूरे देशभर में हिजाब को लेकर विवाद शुरू हुआ। स्कूलों में हिजाब के समर्थन और विरोध में प्रदर्शन किए गए। यहां तक कि मामला सड़क से सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया।  विवाद को देखते हुए कर्नाटक सरकार ने स्कूल-कॉलेज में यूनिफॉर्म को अनिवार्य करने का फैसला किया था। इसके तहत सरकारी स्कूल और कॉलेज में तो तय यूनिफॉर्म पहनी ही जाएगी, प्राइवेट स्कूल भी अपनी खुद की एक यूनिफॉर्म चुन सकते हैं।

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