कौन होगा उत्तराखंड का सीएम? नड्डा से लेकर धामी तक पहुंचे शाह के घर, महामंथन जारी

नई दिल्ली। पांच में से चार राज्यों में जीत हासिल करने के बाद से ही इन चार राज्यों में सरकार बनाने के लिए भाजपा में मंथन जारी है। इसी कड़ी में रविवार को दिल्ली स्थित गृह मंत्री अमित शाह के घर पर कई भाजपा दिग्गजों की भीड़ जमा हुई। इसमें बीजेपी चीफ जेपी नड्डा से लेकर प्रदेश के कार्यवाहक सीएम पुष्कर धामी भी शामिल हुए।

इसके अलावा यहां आने वाले लोगों में संगठन महासचिव बी एल संतोष, राज्य के केंद्रीय चुनाव प्रभारी प्रह्लाद जोशी, उत्तराखंड के कार्यवाहक मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक, पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत और पूर्व केंद्रीय मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक भी मौजूद रहे।

खबरों के मुताबिक़ उत्तराखंड में नए मुख्यमंत्री कौन होंगे? इस मसले पर देश की राजधानी नई दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के घर पर महामंथन हुआ।

समाचार एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से बताया गया कि भाजपा के वरिष्ठ नेताओं की इस महत्वपूर्ण बैठक में सूत्रों ने यह भी बताया कि भाजपा विधायक दल की बैठक से पहले हो रही इस बैठक में विधायक दल के नेता के नाम पर चर्चा की गई।

दरअसल, उत्तराखंड में भाजपा ने शानदार बहुमत तो हासिल कर लिया, लेकिन मुख्यमंत्री धामी को खटीमा से हार का सामना करना पड़ा था। ऐसे में सरकार का नेतृत्व कौन करेगा, इसे लेकर भाजपा में मंथन का दौर लगातार जारी है। हार के बावजूद धामी मुख्यमंत्री पद की दौड़ में सबसे आगे चल रहे हैं। शाह के आवास पर जारी बैठक में धामी की मौजूदगी भी इसका संकेत करती है।

वहीं नाम न जाहिर करने की शर्त पर एक भाजपा नेता ने कहा, “अगर उत्तर प्रदेश चुनाव में अपनी सीट गंवाने वाले केशव प्रसाद मौर्य को दोबारा उप-मुख्यमंत्री बनाया जा सकता है तो धामी को मुख्यमंत्री क्यों नहीं बनाया जा सकता है?” वैसे, सूत्रों ने कहा कि अगर पार्टी किसी नए चेहरे का चयन करने का फैसला लेती है तो क्षेत्रीय और जातीय संतुलन बैठाना काफी अहम होगा।

चूंकि, कुमाऊं के एक ब्राह्मण नेता अजय भट्ट को पहले ही केंद्रीय राज्य मंत्री बनाया जा चुका है, ऐसे में क्षेत्रीय और जातीय संतुलन बैठाने के लिए गढ़वाल के एक ठाकुर या राजपूत नेता को मुख्यमंत्री पद के लिए चुना जा सकता है। अगर ऐसा होता है तो सतपाल महाराज या धन सिंह रावत, जो गढ़वाल के प्रमुख ठाकुर नेता हैं, मुख्यमंत्री पद के लिए पसंदीदा चेहरा बनकर उभर सकते हैं।

हालांकि, सूत्रों का कहना है कि चौबट्टाखाल के विधायक सतपाल महाराज, श्रीनगर के विधायक धन सिंह रावत और राज्यसभा सदस्य अनिल बलूनी भी मुख्यमंत्री पद के दावेदारों में हैं। भाजपा विधायक दल की प्रस्तावित बैठक के लिए भाजपा ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को केंद्रीय पर्यवेक्षक और केंद्रीय मंत्री मीनाक्षी लेखी को सह पर्यवेक्षक बनाया है।

भाजपा की उत्तराखंड इकाई के सूत्रों ने कहा कि धामी के दोबारा मुख्यमंत्री बनने की संभावना ज्यादा है, क्योंकि वह न केवल युवा और ऊर्जावान हैं, बल्कि भाजपा ने पहाड़ी राज्य में उनके नाम पर चुनाव लड़ा था और शानदार जीत दर्ज की। सूत्रों के मुताबिक, पार्टी के धामी के नाम पर मुहर लगाने का फैसला करने की एक और बड़ी वजह यह हो सकती है कि उसे पिछले कार्यकाल में बेहद कम समय में दो मुख्यमंत्रियों को बदलने के लिए काफी आलोचनाओं का सामना करना पड़ा था।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published.

eight + twenty =

Back to top button