…जब मोदी की विदेश नीतियों पर राहुल ने लगाया प्रश्न चिन्ह, तो अमेरिका से मिला ये करारा जवाब

नई दिल्ली। जहां एक ओर पूरे देश में सियासी घमासान मचा हुआ है और सियासी दलों के मध्य इस बात को लेकर होड़ मची हुई है कि इस बार होने वाले पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों में किस दल का पलड़ा अधिक भारी रहेगा। ऐसे में हाल ही में कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने पीएम मोदी को घेरते हुए एक बड़ा बयान दिया था, जिसमें उन्होंने चीन और पाकिस्तान के नजदीकी रिश्तों के पीछे केंद्र सरकार की नीतियों को गलत करार देते हुए पीएम मोदी को जिम्मेदार ठहराया था। हालांकि, इस बयानबाजी पर राहुलगांधी को मुंह की खानी पड़ गई। दरअसल, जब इस बाबत अमेरिकी विदेश विभाग के प्रवक्ता से सवाल किया गया तो उन्होंने दो टूक में जवाब देते हुए कहा कि अमेरिका इस तरह के किसी भी बयान का समर्थन नहीं करता है।

खबरों के मुताबिक़ राहुल गांधी ने संसद में भारत सरकार की विदेश नीति की आलोचना करते हुए कहा था, ‘आपकी नीति ने चीन और पाकिस्तान को एकजुट करने का काम किया है और यह सबसे बड़ी चुनौती भारत के सामने है।

राहुल ने कहा था, चीन के पास एक क्लियर प्लान है और उसकी नींव डोकलम और लद्दाख में रखी है। उन्होंने कहा कि कश्मीर पर सरकार ने गलत फैसला लिया है।’

इस सवाल के जवाब में नेड प्राइस ने कहा, मैं इसे पाकिस्तान और चीन पर छोड़ देता हूं कि वे अपने रिश्ते के बारे में बात करें। लेकिन मैं निश्चित तौर पर इस तरह के बयान का समर्थन नहीं करूंगा। 

इसके बाद नेड प्राइस से पूछा गया कि आपको क्या लगता है कि पाकिस्तान चीन के साथ इतनी निकटता से क्यों काम कर रहा है? क्या आपको लगता है US ने उन्हें अलग थलग छोड़ दिया?

इस पर नेड प्राइस ने कहा, हमने दुनिया के सामने यही स्पष्ट किया है कि किसी भी देश को अमेरिका और चीन में किसी एक को चुनने की जरूरत नहीं है। जब अमेरिका के साथ संबंधों की बात आती है, तो हमारा इरादा देशों को विकल्प प्रदान करने का रहता है। उन्होंने कहा, पाकिस्तान हमारा रणनीतिक साझेदार है। हमारे इस्लामाबाद सरकार से अहम रिश्ते हैं। यह एक ऐसा रिश्‍ता है जिसे हम विभिन्‍न मोर्चों पर तवज्‍जो देते हैं।

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