बागियों को चेताया-सत्ता पक्ष को दी ललकार… जानें सोनिया की नई रणनीति कितनी दमदार?

नई दिल्ली। पांच राज्यों में मिली करारी शिकस्त के बाद अब कांग्रेस पार्टी के लिए दोबारा राजनीतिक मैदान में सर उठाकर खड़े हो पाना काफी मुश्किल सफ़र बन चुका है। ऐसे में मंगलवार को पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी ने एक बार फिर बिखरी हुई कांग्रेस को एकजुट करने और पार्टी में उठ रहे बगावती सुरों को दबाने के लिए एक बैठक की। इस बैठक में जहां उन्होंने तीखे तेवर में बागियों को चेताया। वहीं सत्ता पक्ष के लिए भी काफी खरी-खोटी कही।

इतना ही नहीं उन्होंने अपनी बातों में साफ किया कि जिस तरह से भाजपा प्रत्येक राज्य में विभाजनकारी और ध्रुवीकरण करने वाला एजेंडा बनाकर कांग्रेस को कमजोर कर रही है, उससे वे घबराने वाली नहीं है। उन्होंने कहा कि उनकी लड़ाई आगे भी जारी रहेगी और वे किसी भी कीमत पर सामजिक सौहार्द और सद्भाव के बंधन को टूटने नहीं देंगी।

बता दें, कांग्रेस पार्टी के अन्दर बागी नेताओं का गुट है, जिसमे गुलाम नबी आजाद, कपिल सिब्बल, परणीत कौर, मनीष तिवारी, भूपेन्द्र हुड्डा, शशि थरूर समेत 18 से अधिक नेता शामिल हैं। इस गुट का नाम G-23 है। पहले इसमें 23 नेता शामिल थे लेकिन कई अब पार्टी छोड़ चुके हैं।

खबरों के मुताबिक़ बैठक को संबोधित करते हुए सोनिया गांधी ने कहा कि मैंने अन्य सहयोगियों से भी मुलाकात की है और मुझे अपने संगठन को मजबूत करने के बारे में कई सुझाव मिले हैं और मैं उनपर काम कर रहीं हूं। साथ ही सोनिया गांधी ने कहा कि चुनावी नतीजें काफी चौंकाने वाले थे।

सोनिया गांधी ने बैठक को संबोधित करते हुए कहा, “चिंतन शिविर का आयोजन भी बहुत जरूरी है क्योंकि यही वो जगह है जहां बड़ी संख्या में सहयोगियों और पार्टी के प्रतिनिधियों के विचार सुने जाएंगे। वे हमारी पार्टी द्वारा उठाए जाने वाले कदमों पर एक स्पष्ट रोडमैप को आगे बढ़ाने में मदद करेंगे कि हम जिन चुनौतियों का सामना कर रहे हैं, उनका अच्छी तरीके से सामना कैसे करें।” वहीं बागियों को सन्देश देते हुए सोनिया गांधी ने कहा कि सभी स्तर पर एकजुटता जरूरी है।

सोनिया गांधी ने आगे कहा कि आगे की राह पहले से कहीं ज्यादा चुनौतीपूर्ण है। हमारे समर्पण और दृढ़ संकल्प की कड़ी परीक्षा है। हमारे विशाल संगठन के सभी स्तरों पर एकजुटता सर्वोपरि है और मैं इसे सुनिश्चित करने के लिए जो कुछ भी आवश्यक है वह करने के लिए दृढ़ संकल्पित हूं।”

 बैठक में सोनिया गांधी ने बीजेपी पर भी निशाना साधा और बीजेपी पर सांप्रदायिक राजनीति करने का आरोप लगाया। सोनिया गांधी ने बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि, “सत्ताधारी दल और उसके नेताओं का विभाजनकारी और ध्रुवीकरण करने वाला एजेंडा अब राज्य दर राज्य राजनीतिक विमर्श का एक नियमित कार्यक्रम बन गया है। नफरत की इन ताकतों के खिलाफ खड़ा होना और उनका सामना करना हम सभी का काम है। हम उन्हें (बीजेपी) सदियों से हमारे विविध समाज को बनाए रखने और समृद्ध करने वाले सौहार्द और सद्भाव के बंधन को नुकसान नहीं पहुंचाने देंगे।”

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published.

thirteen − 1 =

Back to top button