वायरल वीडियो : बुल्डोजर एक्शन को किया चैलेन्ज, कहा- ‘शाहीनबाग में लाने के लिए चाहिए जिगरा’

नई दिल्ली। हनुमान जयंती पर दिल्ली के जहांगीरपुरी में हुई हिंसा के बाद दिल्ली निगम द्वारा जो अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की गई थी, उस पर सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद रोक लगा दी गई थी। बीते कुछ दिनों में एक बार फिर दिल्ली निगम दोबारा एक्शन में आया और दिल्ले में अतिक्रमण हटाने के लिए एक्शन लेने की तैयारी की। इसके तहत तैयार की गई लिस्ट में दिल्ली का शाहीनबाग टॉप पर है, जहां पहले कार्रवाई की जानी है। अभी कार्रवाई शुरू भी नहीं हुई कि इस मामले से जुड़ा विवादित वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने लगा। इस वीडियों में कथित मुस्लिम युवक सरकार को सीधे तौर पर चुनौती दे रहा है।

हालांकि, बीते दिन यह जानकारी सामने आई थी कि कार्रवाई की खबर सुनते ही शाहीनबाग़ के रेहड़ी-पटरी वाले दुकानदारों ने अपना-अपना सामना हटाना शुरू कर दिया था।

खबरों के मुताबिक़ इस वायरल वीडियो में नई दिल्ली के शाहीन बाग को लेकर एक मुस्लिम युवक एक रिपोर्टर से कह रहा है कि यहां पर बुलडोजर चलाने के लिए जिगरा चाहिए होगा। वहीं लोग भी इस वायरल वीडियो पर अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं।

बता दें, इस वीडियो में कुछ मुस्लिम युवकों से रिपोर्टर द्वारा सवाल किया जाता है कि सरकार का कहना है, शाहीन बाग जैसे इलाके में अवैध निर्माण पर भी बुलडोजर चलाया जाएगा? इसके जवाब में युवक ने पूरे जोश के कहा, ‘तुम्हें विश्वास है कि शाहीन बाग में बुलडोजर आ जाएंगे?’ इस पर रिपोर्टर द्वारा दोबारा पूछा गया कि क्या सरकार चाहेगी तो यहां पर बुलडोजर नहीं आ सकता है?

युवक द्वारा कहा गया कि शाहीन बाग का नाम सुना है आपने… एक बार अपने मुंह से बोल शाहीन बाग.. फिर महसूस कर लो शाहीन बाग। युवक ने अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए कहा कि यहां पर बुलडोजर लाने के लिए बहुत बड़ा जिगरा चाहिए। वहीं जब दिल्ली के जहांगीरपुरी को लेकर युवक से सवाल किया गया तो उसने कहा कि हमने तो वहां की कार्रवाई देखकर इग्नोर मार दिया।

वहीं रिचा राजपूत नाम की एक बीजेपी कार्यकर्ता ने इस वीडियो को शेयर कर लिखा, ‘ बेटे तुमने योगी आदित्यनाथ का नाम सुना है, एक बार बोल कर देखो..।’

शिवम खुराना नाम के एक यूजर द्वारा लिखा गया– मेरे देश में कुछ लोग कहते हैं कि अल्पसंख्यक डरे हुए हैं, अगर इनके अंदर डर है तो इस तरह के बयान कैसे दे रहे हैं। सुशील शर्मा नाम के एक यूजर ने इस वीडियो को अमित शाह के लिए एक चैलेंज बताया।

वीएचपी नेता विनोद बंसल ने इस वीडियो पर कमेंट किया, ‘ कुछ लोग शाहीन बाग को पाकिस्तान में ही मानते हैं।’ रविशंकर नाम के एक टि्वटर हैंडल से लिखा गया– इस तरह के उन्माद फैलाने वाले लोग सांप्रदायिक हिंसा को बढ़ाते हैं। पुलिस विभाग को ऐसे लोगों पर नजर रखने की जरूरत है। सौरभ शर्मा नाम के एक यूजर पूछते हैं कि भाई इस तरह का कॉन्फिडेंस कहां से आता है?

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