‘हिट एंड रन’ में अब पीड़ितों को मिलेगा पहले से आठ गुना अधिक मुआवजा, जाने नए नियम

नई दिल्ली। सड़कों पर तेज रफ़्तार दौड़ती गाड़ियों के कारण होने वाले हिट एंड रन के मामले तेजी से बढ़ते जा रहे हैं। इसी बात को ध्यान में रखते हुए सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने एक अहम फैसला लिया है। साथ ही सोमवार को इस बात की अधिसूचना भी जारी कर दी गई है। इस अधिसूचना के मुताबिक़ अब हिट एंड रन मामले में घायलों को 12 हजार 5 सौ रुपये की जगह अब 50 हजार रुपये दिए जाएंगे। वहीं सड़क दुर्घटना में मरने वाले के परिजनों को 2 लाख यानी मिलने वाला मुआवजा पहले से आठ गुना अधिक दिया जाएगा। ताकि कुछ हद तक सड़क दुर्घटना के पीड़ितों की मदद हो सके।

हालांकि, सेफ ड्राईविंग के लिए सरकार की तरफ से कई नियम लागू किए गए हैं। लेकिन अक्सर देखा जाता है कि लोग नियमों की परवाह किए बगैर अंधाधुंध ड्राईविंग करते हैं। इसी वजह से हिट एंड रन के मामले सामने आते हैं। सलमान खान जैसी कई नामचीन शख्सियतें इस तरह के मामलों से जुड़ चुकी हैं। सलमान पर मुंबई की सड़क पर सो रहे लोगों को कुचलने का आरोप लगा था।

खबरों के मुताबिक़ मुआवजा 1 अप्रैल से आठ गुना बढ़ाकर 2 लाख रुपये किया जा रहा है। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय की एक अधिसूचना में यह जानकारी दी गई है।

नए नियमों के मुताबिक हिट एंड रन में घायल व्यक्ति को दी जाने वाली मुआवजा राशि भी 12 हजार 5 सौ रुपये से बढ़ाकर 50 हजार रुपये कर दी गई है।

मंत्रालय ने कहा है कि योजना का नाम हिट एंड रन मोटर दुर्घटना योजना के पीड़ितों को मुआवजा, 2022 होगा। यह एक अप्रैल 2022 से प्रभावी होगी। 1 अप्रैल से यह क्षतिपूर्ति योजना 1989 का स्थान लेगी।

सरकार मोटर व्हीकल एक्सीडेंट फंड बनाएगी, जिसका इस्तेमाल हिट एंड रन एक्सीडेंट के मामले में मुआवजा देने और घायलों के इलाज के लिए किया जाएगा।

नए नियम के मुताबिक दावा निपटान आयुक्त जांच रिपोर्ट मिलने के 15 दिनों के भीतर क्लेम मंजूर करेगा। पीड़ित और उसके परिवार वालों के बैंक खातों में मुआवजे की राशि 3 महीने के भीतर पहुंचा दी जाएगी।

सरकार के अनुसार पीड़ित परिवार को तत्काल मदद पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा जिससे मुआवजा देने में किसी भी तरह की कोई रुकावट न आए। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने हाल ही में संसद को बताया था कि 2019 में राष्ट्रीय राजधानी में हिट एंड रन केसों में 536 लोग मारे गए थे। इनमें 1,655 लोग घायल हुए थे। 2020 के दौरान भारत में कुल 3 लाख 66 हजार 138 सड़क दुर्घटनाएं हुईं, जिनमें 1 लाख 31 हजार 714 मौतें हुईं।

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