यूपी चुनाव: लखनऊ विधानसभा चुनाव में 4 दिनों के लिए होगा वाहनों का अधिग्रहण

लखनऊ। यूपी विधानसभा चुनाव को लेकर दूसरी चरण के मतदान सुबह 7 बजे से शुरु हो गया है। इस बीच परिवहन विभाग ने राजधानी लखनऊ में 23 फरवरी को होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए वाहनों का अधिग्रहण चार दिनों के लिए करेगा। फिलहाल अभी तक लक्ष्य से मात्र 50 प्रतिशत वाहनों का ही अधिग्रहण हो पाया है।

परिवहन विभाग के मुताबिक, लखनऊ में 23 फरवरी को होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए 3,200 वाहनों का अधिग्रहण होना है। इनमें बस, ट्रक, जीप, टैक्सी, मैक्सी कैब के अलावा स्कॉपियों, टवेरा, इनोवा, बोलेरो शामिल हैं। चुनाव में पोलिंग पार्टियों और सेक्टर मजिस्ट्रेट के लिए चार पहिया छोटे वाहन उपलब्ध कराएंगे। पुलिस फोर्स के लिए बसें और ट्रकों का अधिग्रहण किया जाएगा।

संभागीय परिवहन अधिकारी का कहना है कि लखनऊ में 23 फरवरी को होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए वाहनों का अधिग्रहण किया जा रहा है। इस बार चुनाव ड्यूटी में जाने वाले वाहनों का 20 से 23 फरवरी तक चार दिनों के लिए अधिग्रहण किया जाएगा। इन वाहनों को 20 फरवरी की शाम तक रिजर्व पुलिस लाइन में पहुंचना होगा। 23 फरवरी को चुनाव खत्म होने के बाद वाहन वापस जाएंगे।

उन्होंने बताया कि लखनऊ में आठ हजार वाहन मालिकों को नोटिस दी गई है। इसके बावजूद गाड़ी मालिक वाहनों को किराए पर देने से कतरा रहे हैं। अभी तक लक्ष्य से मात्र 50 प्रतिशत वाहनों का ही अधिग्रहण हो पाया है। फिलहाल वाहनों के अधिग्रहण की प्रक्रिया तेजी से चल रही है।

दरअसल, बीते रविवार को जिला निवार्चन अधिकारी की बैठक में वाहनों के अधिग्रहण को लेकर समीक्षा की गई थी। समीक्षा बैठक में वाहनों की सूची लक्ष्य से काफी कम पाई गई है। ऐसी स्थिति में जिलाधिकारी ने कड़ा निर्देश जारी करते हुए समय से तय स्थान पर वाहन न पहुंचने पर गाड़ी मालिक के खिलाफ सुसंगत धाराओं में नियत कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। इसके अलावा जिला अधिकारी ने चुनाव ड्यूटी में नहीं आने वाले सरकारी वाहनों को पुलिस के सहयोग से अधिग्रहण करने का आदेश दिया है। ऐसे में अब चुनाव ड्यूटी में नहीं आने वाले वाहनों का परमिट भी रद्द किया जा सकता है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published.

ten + 13 =

Back to top button