यूपी : अतिरिक्त शिक्षकों की भर्ती को लेकर बढ़ा विवाद तो कोर्ट ने लगा दी नियुक्तियों पर रोक

लखनऊ। एक बार फिर प्राथमिक स्कूलों के सहायक शिक्षकों की भर्ती मामले में अड़ंगा लग गया है। दरअसल, हाल ही में 69000 सहायक शिक्षकों की भर्ती मामले में सरकार द्वारा अतिरिक्त 6800 आरक्षित भर्तियों की सूची जारी की गई थी। इस पर विवाद बढ़ा और मामला हाईकोर्ट में पहुंच गया। ऐसे में कोर्ट ने मामले को संज्ञान में लेते हुए फिलहाल के लिए इस पूरी भर्तियों पर रोक लगा दी है। साथ ही सरकार से कहा है कि यह मामला आपकी वजह से ही खड़ा हुआ है। इसलिए इसका आप खुद ही निकाले। वहीं कोर्ट ने यह भी साफ किया कि 2018 में विज्ञापित 69 हजार रिक्तियों को लेकर निकाली गई थी। ऐसे में इससे अधिक सहायक शिक्षकों की भर्ती नहीं की जा सकती है।

खबरों के मुताबिक़ अभ्यर्थियों का कहना था कि इस नियमावली में साफ है कि कोई ओबीसी वर्ग का अभ्यर्थी अगर अनारक्षित श्रेणी के कटऑफ से अधिक नंबर पाता है तो उसे ओबीसी कोटे से नहीं बल्कि अनारक्षित श्रेणी में नौकरी मिलेगी। यानी वह आरक्षण के दायरे में नहीं गिना जाएगा।

सरकार ने आरक्षण लागू करने में गड़बड़ी को माना और आचार संहिता लागू होने से पहले 6800 आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों की नियुक्ति करने का आदेश जारी कर दिया। फिलहाल इस मामले में अगली सुनवाई 18 फरवरी को होगी।

बता दें कि हाईकोर्ट ने साफ कहा है विज्ञापित 69000 रिक्तियों के अलावा एक भी अतिरिक्त नियुक्ति नहीं की जा सकती है। दरअसल, राज्य सरकार ने बीती 5 जनवरी को 6800 अभ्यर्थियों की एक अतिरिक्त चयन सूची जारी करने का निर्णय किया था, जिसको लेकर फिर मामला कोर्ट पहुंच गया है।

इस मामले पर इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच के जस्टिस राजन रॉय ने साफ शब्दों में कहा कि वर्ष 2018 में विज्ञापित 69 हजार रिक्तियों के अतिरिक्त बगैर विज्ञापन के एक भी नियुक्ति नहीं की जा सकती है।

कोर्ट ने कहा कि 1 दिसंबर 2018 को विज्ञापित पद से अधिक नियुक्ति नहीं की जानी चाहिए। कोर्ट ने नियुक्ति पर अंतरिम रोक लगाते हुए साफ कहा कि यह स्थिति सरकार ने पैदा की है लिहाजा अब सरकार तय करें कि 6800 अभ्यर्थियों के बारे में क्या करना है।

बता दें, उत्तर प्रदेश सरकार ने 1 दिसंबर 2018 को 69000 सहायक शिक्षक भर्ती के पद का विज्ञापन निकाला था। विज्ञापन के आधार पर चयन प्रक्रिया भी पूरी कर ली गई। लेकिन इस भर्ती में आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों ने लखनऊ में आंदोलन शुरू कर दिया।

अभ्यर्थियों ने दावा किया कि आरक्षण लागू करने में धांधली की गई है। इस भर्ती के लिए अनारक्षित की कटऑफ 67.11 फीसदी और ओबीसी की कटऑफ 66.73 फीसदी थी।

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