‘योगी के बुलडोजर’ की रफ़्तार तेज… निशाने पर अतीक अहमद, रहनुमाओं का भी होगा खेल ख़त्म

लखनऊ। प्रदेश की सत्ता में भाजपा की वापसी के साथ सीएम योगी की ताजपोशी की तैयारियां की जा रही हैं। वहीं चुनावों से पूर्व जनता से किए गए वादों को पूरा करने के लिए भी मंथन जारी है। ऐसे में ये अनुमान लगाया जा रहा है कि जिस मुस्तैदी से भाजपा शासन में पिछली बार माफियाओं का किला ढहाने का काम किया गया। इस बात सत्ता संभालने के बाद माफियाओं के रहनुमाओं को भी नहीं बख्शा जाएगा। इस फेहरिस्त में सबसे ऊपर है अतीक अहमद का नाम।

खबरों के मुताबिक़ कहा जा रहा है कि प्रदेश में दोबारा भाजपा की सरकार बनने के बाद बाहुबली माफिया अतीक अहमद की मुश्किलें अब और बढ़ेंगी।

वजह यह है कि चुनाव में ऐतिहासिक जीत दर्ज करने के बाद सीएम योगी खुद यह बात कह चुके हैं कि नए कार्यकाल में माफिया के खिलाफ अभियान और तेज किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि पिछली सरकार में माफिया पर शिकंजा कसा गया और इस बार इसे पूरी तरह से खत्म किया जाएगा।

बता दें, भाजपा सरकार के पिछले कार्यकाल में पुलिस ने अभियान चलाकर जिन माफिया के साम्राज्य की कमर तोड़ी, उनमें अतीक अहमद भी मुख्य रूप से शामिल था।

सूत्रों का कहना है कि अतीक पर प्रवर्तन निदेशालय की कार्रवाई भी अब तेज होगी। गौरतलब है कि ईडी ने पिछले साल उस पर मनी लांड्रिंग का केस दर्ज किया था। जिसमें उसके10 खाते सीज करते हुए करोड़ों की संपत्ति अटैच भी की थी।

ईडी उसकी अन्य संपत्तियों का तो सुराग जुटा ही रही है, ऐसे लोगों का भी पता लगा रही है जो पर्दे के पीछे से अतीक के मददगार हैं। उसके काम धंधों को संचालित कर रहे हैं और अवैध रूप से कमाई गई उसकी ब्लैकमनी को व्हाइट कर रहे हैं।

ध्यान रहे, पूर्व सांसद के करोड़ों की संपत्ति गैंगस्टर एक्ट के तहत कुर्क की गई तो अवैध रूप से बने मकान, भवन भी बुलडोजर चलवाकर जमीदोंज कराए गए। यही नहीं उसके गैंग के सदस्यों व अन्य गुर्गों पर भी कार्रवाई हुई। लेकिन माफिया के वह मददगार कार्रवाई से अछूते रहे। यही वजह है कि हजारों करोड़ों की चोट के बावजूद माफिया जेल से भी खेल करता रहा।

सूत्रों का कहना है कि अतीक के कई मददगार अब भी उसके लिए प्रॉपर्टी डीलिंग समेत अन्य धंधे संचालित कर रहे हैं। इसके बावजूद उन पर कार्रवाई नहीं हुई।

सूत्रों का कहना है कि योगी सरकार के दूसरे कार्यकाल में माफिया के यह मददगार ही सबसे ज्यादा रडार पर होंगे। उनकी संपत्तियों के साथ ही उनके धंधों व इसमें लगने वाले धन के स्रोत की भी जानकारी जुटाई जाएगी। इसके बाद उनके खिलाफ कार्रवाई होगी।

बता दें, करोड़ों की चोट देने के बावजूद अतीक व उसके करीबियों पर असर न होने का एक मामला पिछले साल 31 दिसंबर को सामने आया था। करेली में उसके बेटे अली व गुर्गों खचौली व असाद समेत अन्य ने पांच करोड़ की रंगदारी न देने पर प्रॉपर्टी डीलर जीशान व उसके रिश्तेदारों पर हमला बोल दिया था।

साथ ही बुलडोजर चलाकर उसका कार्यालय ढहा दिया था। इस मामले में अतीक का बेटा 25 हजार का इनामी भी हुआ लेकिन ढाई महीने बीतने को हैं और अब तक उसे पकड़ा नहीं जा सका है। मामले में नामजद खचौली चार मुकदमों का आरोपी है लेकिन वह भी पुलिस को छका ही रहा है। इसके अलावा असाद पर आठ मुकदमे हैं लेकिन एक को छोड़कर वह किसी भी मामले में गिरफ्तार नहीं हुआ।

गौरतलब है कि खचौली अतीक का करीबी है जबकि असाद प्रॉपर्टी डीलिंग करता है। सूत्रों का कहना है कि इस केस में भी वह अग्रिम जमानत के लिए हाथ-पांव मार रहा है। यही नहीं आरोपी फरार होने के बावजूद पीड़ित पर केस वापस लेने को तरह-तरह से दबाव बना रहे हैं जिससे वह दहशत में है।

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