होली से पहले योगी मंत्रिमंडल का शपथ ग्रहण, इस तारीख पर बनी बात!

लखनऊ। 10 मार्च 2022, गुरवार के दिन प्रदेश में वापसी कर भाजपा ने नया कीर्तिमान रच दिया। वहीं इस कीर्तिमान में सीएम योगी द्वारा गोरखपुर में खेली गई शानदार पारी ने भाजपा की इस जीत को ऐतिहासिक बना दिया। वजह यह है कि 37 सालों के बाद ऐसा हुआ है कि कोई सीएम लगातार दूसरी बार प्रदेश की सत्ता संभालेगा। ऐसे में भाजपा की जीत के खबर बाहर आने के बाद से तमाम लोग सीएम योगी की शपथ ग्रहण की तारीखों का आंकलन करने लगे। इसी बीच यह बात निकलकर सामने आ रही है कि मुमिकन है, होली से पहले ही भाजपा नई सरकार के लिए शपथ ग्रहण समारोह का आयोजन कर सकते है।

खबरों के मुताबिक़ ऐसा माना जा रहा है कि 15 मार्च को होली से ठीक पहले योगी आदित्यनाथ कैबिनेट के अन्य सहयोगियों के साथ शपथ ग्रहण कर सकते हैं।

वहीं शपथ ग्रहण समारोह के भव्‍य होने की संभावना जताई जा रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह शपथ ग्रहण समारोह में शिरकत करेंगे।

इसके अलावा अन्‍य केंद्रीय मंत्री और BJP के दिग्‍गज नेता भी योगी आदित्‍यनाथ के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल हो सकते हैं।

जानकारी के मुताबिक़ पार्टी आलाकमान होली से पहले योगी कैबिनेट का शपथ ग्रहण कराने पर मंथन कर रहा है। दरअसल, 17 और 18 मार्च को होली है। इसके बाद 19 मार्च को MLC चुनाव के लिए नामांकन कराने की आखिरी तारीख है।

ऐसे में शपथ ग्रहण कार्यक्रम होली से पहले ही हो सकता है। अभी तक की बातचीत में 15 मार्च (मंगलवार) की तिथि पर सहमति बनी है। यदि कोई बड़ा बदलाव नहीं हुआ तो 15 मार्च को योगी मंत्रिमंडल का शपथ ग्रहण हो सकता है।

बता दें, उत्‍तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2022 के नतीजे आने के बाद से योगी मंत्रिमंडल के शपथ लेकर चर्चाएं शुरू हो गई थीं।

सबके जुबान पर एक ही बात थी कि योगी आदित्‍यनाथ कैबिनेट के अन्‍य सहयोगियों के साथ होली से पहले या फिर पर्व के बाद पद एवं गोपनीयता की शपथ लेंगे। अब बताया जा रहा है कि योगी आदित्‍यनाथ कैबिनट के साथ 15 मार्च को शपथ ले सकते हैं।

शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह के अलावा पार्टी के अन्‍य दिग्‍गज भी शिरकत कर सकते हैं। भाजपा शासित प्रदेशों के मुख्‍यमंत्री भी इसका हिस्‍सा बन सकते हैं।

चुनाव आयोग की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार, भाजपा ने अकेले 255 सीटों पर जीत हासिल की है। 403 सदस्‍यीय उत्‍तर प्रदेश विधानसभा में साधारण बहुमत के लिए 202 सीटों की जरूरत होती है, जिसे भाजपा ने आसानी से हासिल कर लिया।

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