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गृहमंत्री ने लखनऊ को दिया 207 करोड रुपए के इंस्टिट्यूट की सौगात, अब उत्तर प्रदेश में अपराधियों की खैर नहीं

देश के गृह मंत्री अमित शाह ने लखनऊ को एक बड़ा तोहफा दिया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने लखनऊ के सरोजनी नगर एरिया में फॉरेंसिक साइंस इंस्टीट्यूट के निर्माण के लिए शिलान्यास किया। इस अवसर पर गृहमंत्री अमित शाह ने प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उनके मंत्रिमंडल के कई सहयोगियों के साथ भूमि पूजन भी किया।

स्टेट इंस्टिट्यूट ऑफ फॉरेंसिक साइंस के शिलान्यास समारोह के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि, यह इंस्टिट्यूट छात्रों का कैरियर बनाएगा साथ ही 2024 तक विभिन्न राज्यों में कई फॉरेंसिक साइंस कॉलेज खोले जाएंगे।

उत्तर प्रदेश सरकार के प्रवक्ता ने कहा कि, आपराधिक मामलों के जल्द निस्तारण के लिए उत्तरप्रदेश स्टेट फॉरेंसिक इंस्टिट्यूट एक मील का पत्थर साबित होगा। यह देश का सबसे आधुनिक फॉरेंसिक इंस्टिट्यूट होगा। इससे जटिल अपराधों की जांच में आसानी होगी। यह इंस्टीट्यूट उत्तरप्रदेश पुलिसिंग के विभिन्न आयाम भी स्थापित करेगा।

प्रवक्ता ने यह भी बताया कि, उत्तरप्रदेश स्टेट फॉरेंसिक साइंस इंस्टीट्यूट युवाओं को शिक्षा व रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराएगा। इंस्टिट्यूट में भौतिक शास्त्र, रसायन शास्त्र,जीव विज्ञान, कंप्यूटर साइंस, बिहेवियरल साइंस, अपराध शास्त्र, विधि, पुलिस विज्ञान व पुलिस प्रशासन विषयों पर विभिन्न कोर्स उपलब्ध होंगे।इसके अतिरिक्त बीएससी, एमएससी,फॉरेंसिक साइंस, एमफिल, पीएचडी, पोस्ट डॉक्टोरल रिसर्च, पीजी डिप्लोमा इन फॉरेंसिक साइंस, एडवांस स्पेशलिस्ट एंड टेलरमेड पीजी डिप्लोमा एवं अन्य पीजी सर्टिफिकेट के कोर्स भी प्रस्तावित हैं।

इस संस्थान में प्रतिवर्ष लगभग 500 छात्र-छात्राएं शिक्षा ग्रहण करेंगे। संस्थान में कुल 08 अनुभाग व 14 प्रयोगशाला में होंगी। यथा भौतिक अनुभाग में आग्नेयास्त्र फॉरेंसिक ध्वनिकी व प्रलेख प्रयोगशाला होंगी। रसायन अनुभाग में विस्फोटक व विष विज्ञान प्रयोगशालाएं होंगी। जीव विज्ञान अनुभाग में जीव विज्ञान, सीरम विज्ञान व डीएनए प्रयोगशाला होंगे। कंप्यूटर साइंस विभाग में डाटा एनालिसिस, साइबर सुरक्षा व साइबर फॉरेंसिक लैब होंगी। बिहेवियरल विभाग अनुभाग में लाई डिटेक्शन, नारको एनालिसिस व ब्रेन मैपिंग प्रयोगशालाएं होंगी। इसके अलावा अपराध विज्ञान, कानून व्यवस्था, पुलिस विज्ञान व प्रशासन अनुभाग भी होंगे।

प्रवक्ता ने बताया कि राजधानी के सरोजनीनगर में 50 एकड़ भूमि में इस इंस्टिट्यूट का निर्माण कराया जा रहा है। इसके निर्माण पर करीब 207 करोड रुपए खर्च होंगे। गुजरात के गांधीनगर स्थित राष्ट्रीय न्यायालय विज्ञान विश्वविद्यालय के सहयोग से सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर डीएनए की स्थापना की जाएगी। संस्थान में निदेशक के रूप में एडीजी रैंक व अन्य अधिकारियों की नियुक्ति की जाएगी।

– Abhay kumar Mishra

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