आपातकाल में भारत बना श्रीलंका का तारणहार, एक अरब डॉलर ऋण समेत भेजी चावल की पहली खेप

बहुत पुरानी कहावत है कि पड़ोसी ही पड़ोसी के काम आता है। ऐसे में पड़ोसी देश श्रीलंका में आर्थिक दुर्दशा के बाद भारत ने मदद के लिए हाथ आगे बढ़ाया है। आर्थिक संकट से घिरे श्रीलंका को मदद के लिए भारत की ओर से एक अरब डॉलर कर क्रेडिट लाइन दी है। इसके अलावा भारत की ओर से श्रीलंका को खाद्यान्न की मदद भी भेजी जा रही है।

40,000 टन चावल की लोडिंग

खबरों के अनुसार श्रीलंका को भेजने के लिए भारत में व्यापारियों ने 40,000 टन चावल की लोडिंग शुरू कर दी है। श्रीलंका को ये सहायता ऐसे समय मिली है जब वहां एक बड़ा त्यौहार मनाया जाने वाला है। साथ ही वहां बिगड़े हालात को देखते हुए आपातकाल भी लागू कर दिया गया है।

श्रीलंका में लगा आपातकाल

श्रीलंका की आर्थिक बदहाली का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि कोलंबो में 13-13 घंटे के पावर कट से जूझ रही जनता सड़कों पर उतर आई है और राष्ट्रपति के इस्तीफे की मांग कर रही है। लोगों के पास खाने-पीने की चीजें नहीं है। लोग हिंसक प्रदर्शन कर रहे हैं। हालात इतने बिगड़ चुके हैं कि राष्ट्रपति गोटाबाया राजपक्षे ने 1 अप्रैल से देश में आपातकाल लागू कर दिया है।

श्रीलंका के राष्ट्रपति कार्यालय से जारी आदेश में कहा गया है कि देश में कानून व्यवस्था कायम रखने, आवश्यक वस्तुओं की सप्लाई को जारी रखने के लिए ऐसा करना जरूरी हो गया है। इसके अलावा वहां महंगाई का आलम ये है कि पेट्रोल-डीजल से लेकर खाने-पीने की सामान्य चीजों के दाम चरम पर पहुंच गए हैं।

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