‘बाबा बुलडोजर’ के कहर से खौफजदा हुए सपा नेता, खुद ही गिरवाया अवैध निर्माण

लखनऊ। यूपी में भाजपा की जीत के बाद ‘बाबा बुलडोजर’ का नाम क्या ट्रेंड हुआ मानों पर हर जगह योगी सरकार का बुलडोजर दौड़ता हुआ दिखाई दे रहा है। आलम ये हैं कि अवैध कब्जेदारी करने वालों की नींदे गायब हो गई हैं। वहीं कई ऐसे भी है, जो खुद से ही अपने अवैध कब्जे को छोड़ कराए गए निर्मार्ण को ध्वस्त करा रहे हैं। बेशक ये सुनने में जरूर अटपटा लग रहा होगा, मगर हकीकत यही है। इसका जीता जागता उदाहरण रविवार को एटा में दिखाई दिया।

बताया जा रहा है कि एटा जिले में योगी के बुलडोजर से डरे अब समाजवादी पार्टी (सपा) नेता ने खुद ही जिला प्रशासन की कार्रवाई से पहले चिन्हित कोल्ड स्टोरेज को तुड़वा दिया। मौके पर मजदूरों ने उस कोल्ड स्टोरेज की दीवारों को ढहा दिया।

खबरों के मुताबिक़ जिला प्रशासन को शिकायत मिली की जैथरा स्थिति एक भट्टे के आस पास भूमाफिया की ओर से सैकड़ों बीघा जमीन पर कब्जा कर अवैध निर्माण करा लिया गया है। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए जिला प्रशासन दो दिन पूर्व दो अलग-अलग जगह पर लेखपाल की टीम के साथ मौके पर पहुंच कर अतिक्रमित जमीन की नाप तौल कराई। फिर पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंच कर बुलडोजर से अवैध निर्माण को ध्वस्त करते हुए बाकी जमीन को कब्जा मुक्त कराया।

पुलिस प्रशासन की इस कार्रवाई से डरे हुए सपा नेता रामनाथ सिंह यादव के बेटे विक्रांत यादव ने खुद जैथरा स्थिति अपने कोल्ड स्टोरेज को तुड़वा दिया।

बताते चलें कि चुनाव से पूर्व पांच महीने पहले जिला प्रशासन ने उस जगह को चिन्हित कर सपा नेता रामनाथ यादव को अवैध कब्जा हटाने को नोटिश दिया था, लेकिन नोटिस के जवाब में सपा नेता ने राजस्व परिषद में अपील की थी जिसे राजस्व परिषद ने खारिज कर दिया था।

भट्टे के ध्वस्तीकरण की कार्रवाई के बाद बुलडोजर से डरे सपा नेता ने अपने बेटे विक्रांत यादव के नाम से बने कोल्ड स्टोरेज में अवैध निर्माण को तुड़वा दिया। गौरतलब है कि रामनाथ सिंह यादव प्रोफेसर रामगोपाल सिंह यादव के करीबी रिश्तेदार हैं। सपा से पूर्व ब्लॉक प्रमुख हैं। रामनाथ सिंह यादव के परिवार की जनपद की राजनीति में तूती बोलती है। रामनाथ सिंह यादव के बड़े भाई रामेश्वर सिंह यादव सपा से पूर्व विधायक रहे हैं और उनकी भाभी वर्तमान में जिला पंचायत अध्यक्ष हैं। रामनाथ यादव के सैफई परिवार से करीबी संबंध होने के चलते अब तक अधिकारी उन पर कार्रवाई करने से कतराते रहे थे।

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