‘आतंकी कटघरे’ में सपा ? पीएम ने कहा… ये देश के लिए बड़ा ख़तरा

लखनऊ रविवार को हरदोई में एक जनसभा को संबोधित करने पहुंचे देश के पीएम नरेंद्र मोदी ने जमकर विपक्ष को निशाने पर लिया। अपने संबोधन में पीएम मोदी ने समाजवादी पार्टी पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि यह वह पार्टी है, जो आतंकियों की हिमायती है। इसका प्रमाण यह है कि सपा के शासन काल में इस पार्टी ने कई आतंकियों का मुकदमा वापस लेने का फैसला सुनाया था, जो देश के लिए खतरे की बात है। इसी के साथ कांग्रेस का घेराव करते हुए पीएम मोदी बोले कि सपा की तरह ही कांग्रेस भी इस मामले में पीछे नहीं रही। उनका तो आलम यह रहा कि वे अपने शासन काल में ओसामा जैसे आतंकी को ओसामा जी कहकर संबोधित करते थे।

खबरों के मुताबिक़ अपने संबोधन में पीएम मोदी ने कहा कि इतने वर्षों तक मैं इसलिए चुप रहा क्योंकि अहमदाबाद ब्लास्ट केस की सुनवाई चल रही थी। आज जब अदालत ने आतंकियों को सजा सुना दी है, तो मैं अब विषय को देश के सामने उठा रहा हूं और मैं आज गुजरात पुलिस की भी प्रशंसा करूंगा कि उसके प्रयासों से आतंकियों के कई मॉड्यूल्स का खात्मा हुआ है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अहमदाबाद ब्लास्ट केस का जिक्र करते हुए अखिलेश यादव और समाजवादी पार्टी पर हमला बोला।

पीएम मोदी ने कहा, ‘इनका जो चुनाव चिन्ह साइकल है उस पर अहमदाबाद में बम रखे गए थे, तब मैं गुजरात का मुख्यमंत्री था।’

पीएम मोदी ने कहा, जब मैं गुजरात का मुख्यमंत्री था, तो उस दौरान अमदाबाद में भी सीरियल बम धमाके हुए थे। मैं उस दिन को कभी भूल नहीं सकता। उसी दिन मैंने संकल्प लिया था कि मेरी सरकार इन आतंकवादियों को पाताल से भी खोजकर सजा देगी।

उन्होंने कहा, कभी मुंबई में बम फटते थे, तो किसी दिन दिल्ली में, जयपुर, बेंगलुरू, हैदराबाद, गुवाहाटी, लुधियाना, अगरतला, इंफाल, कितने ही शहर उस दौरान बम धमाकों से थर्राए, कितने ही निर्दोष नागरिक उन हमलों में मारे गए।

इतना ही नहीं प्रधानमंत्री मोदी ने आगे कहा, आप सभी जानते हैं कि जब आतंकी हमला होता है, आतंकवाद बढ़ता है तो इसका सबसे ज्यादा नुकसान, गरीब को, मध्यम वर्ग को उठाना पड़ता है। जब आतंकी हमला होता है तो सामान्य मानव की जिंदगी प्रभावित होती है, व्यापार प्रभावित होता है, पर्यटन ठप पड़ जाता है।

उन्होंने कहा कि अनेक आतंकियों को फांसी की सजा मिली है। आज मैं इसका जिक्र इसलिए कर रहा हूं क्योंकि कुछ ऐसे ही आतंकियों के प्रति राजनीतिक दल मेहरबान रहे हैं। ये देश की सुरक्षा के लिए बहुत खतरे की बात है। 

पीएम ने आरोप लगाया कि 2006 में काशी में बम धमाका हुआ था। संकट मोचन मंदिर में भी धमाका किया गया था। वहां के कैंट रेलवे स्टेशन पर भी हमला किया गया था। जब 2013 में समाजवादी पार्टी की सरकार फिर से सत्ता में आई,  तो इन लोगों ने शमीम अहमद नाम के आरोपी पर चल रहे मुकदमों को वापस लेने का फैसला ले लिया था।

पीएम ने कहा कि 2007 में लखनऊ, अयोध्या के कोर्ट परिसर में बम धमाके हुए थे। 2013 में समाजवादी सरकार ने तारिक काजमी नाम के आतंकी से मुकदमा वापस ले लिया था। लेकिन इस मामले में भी अदालत ने समाजवादी सरकार की साजिश नहीं चलने दी और उस आतंकी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई।

उन्होंने कहा कि ऐसे ही यूपी में एक दो नहीं बल्कि आतंकी हमलों के 14 मुकदमों में समाजवादी सरकार ने बहुत सारे आतंकवादियों के मुकदमे वापस लेने का फरमान सुना दिया था। ये लोग विस्फोट कर रहे थे, धमाके कर रहे थे और समाजवादी पार्टी सरकार इन आतंकवादियों पर मुकदमा तक नहीं चलने दे रही थी।

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