वैज्ञानिकों को मिली कोरोना की जबरदस्त काट, अब ‘जीन वैरिएंट’ बनेगा दुनिया का सुरक्षा कवच

नई दिल्ली लंबे समय से कोरोना के कहर से जूझ रही दुनिया के लिए एक बड़ी राहत की खबर सामने आई है। बताया जा रहा है कि स्वीडन के कुछ वैज्ञानिकों ने एक ऐसा जीन वैरिएंट खोज निकाला है, जो न केवल कोरोना के सभी वैरिएंट के खिलाफ असरदार है, बल्कि कोरोना के वैरिएंट को विघटित कर उसके प्रभाव को नाकाम करने भी सक्षम है। शोधकर्ताओं का कहना है कि कई मूल के लोगों पर इस शोध को करने के बाद इस जीन वैरिएंट का पता लगाया गया है, जो भाविष्य में कोरोना संबंधी इलाज में काफी मददगार साबित हो सकेगा।

खबरों के मुताबिक़ इस अध्ययन को ‘नेचर जर्नल’ नाम की पत्रिका में प्रकाशित किया गया है। जिसमें बताया गया है कि जीन कोरोना संक्रमण के असर को प्रभावित कर सकते हैं। इससे पता लगाया जा सकता है कि कोई व्यक्ति कोरोना संक्रमण से कितना प्रभावित हुआ है।

शोधकर्ताओं के मुताबिक, प्रोटेक्टिव जीन वैरिएंट (rs10774671-G), जीन OAS1 द्वारा एन्कोड किए गए प्रोटीन की लंबाई को निर्धारित करता है। पहले के कुछ अध्ययनों से यह भी पता चला है कि प्रोटीन का यह लंबा वैरिएंट SARS-CoV-2, वायरस जो COVID-19 का कारण बनता है, को तोड़ने में अधिक प्रभावी है। इसके अलावा,  कनाडा में मैकगिल विश्वविद्यालय के प्रोफेसर ब्रेंट रिचर्ड्स ने कहा, “हम जेनेटिक रिस्क फैक्टर्स को अच्छे से समझने लगे हैं जो कोरोना के खिलाफ नई दवाइयां बनाने में मदद कर सकते हैं।

पूर्व में हुए अध्ययनों में शोधकर्ताओं ने पाया कि यूरोपियन मूल के लोगों में डीएनए का विशेष अंश मौजूद था। डीएनए के विशेष अंश की मौजूदगी वाले लोगों में कोविड के गंभीर संक्रमण का खतरा 20 प्रतिशत कम होता है। वैज्ञानिकों  ने इस जीन वैरिएंट की पहचान करने के लिए उन लोगों को स्टडी में शामिल किया, जिनमें ये विशेष डीएनए मौजूद था।

इनमें अफ्रीकी मूल के 2,787 तथा छह विभिन्न समूहों के 1,30,997 ऐसे लोग शामिल थे, जिन्हें कोरोना संक्रमण के कारण अस्पताल में भर्ती कराया गया था। अध्ययन की मुख्य लेखिका व वीए बोस्टन हेल्थकेयर सिस्टम की शोधकर्ता जेनिफर हफमैन ने कहा कि ‘अफ्रीकी मूल के लोगों में मौजूद समान सुरक्षा ने हमें डीएनए के विशेष जीन वैरिएंट (आरएस10774671-जी) की पहचान के लिए प्रेरित किया, जो कोरोना के खिलाफ सुरक्षा प्रदान करता है।’ शोधकर्ताओं ने कहा कि अफ्रीकी मूल के 80 फीसदी लोगों में यह प्रोटेक्टिव वैरिएंट पाया गया।

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