हथियार नहीं… ये है भारत का ‘अभेद्य कवच’, 400 किमी दूर से ही नाकाम होगा हर वार

नई दिल्ली। साल 2018 में रूस के साथ किए गए करार के तहत अब भारत को एस-400 एयर डिफेंस मिसाइल सिस्टम दे दिया गया है। इस मिसाइल सिस्टम के मिल जाने के बाद यह माना जा रहा है कि अब भविष्य में कोई भी दुश्मन देश भारत पर किसी भी प्रकार का आसमानी हमला करने से पहले 100 बार सोचेगा। यह मिसाइल सिस्टम इतना शक्तिशाली है कि किसी भी हवाई हमले को पल भर में ध्वस्त कर सकता है। वहीं खासियत यह कि यह एक बार में एक साथ 72 मिसाइल लांच कर सकता है। यही वजह है कि सुरक्षात्मक दृष्टि से इसे भारत का महाकवच माना जा रहा है।

खबरों के मुताबिक़ एस-400 एयर डिफेंस मिसाइल सिस्टम की पहली खेप पंजाब में तैनात की जा चुकी है। इस एयर डिफेंस मिसाइल सिस्टम के आने के बाद देश की सुरक्षा अभेद्य बताई जा रही है।

जानकारों की मानें तो इसकी तैनाती के बाद अब पाकिस्तान और चीन युद्ध करने या हवाई हमला करने से पहले कई बार सोचेंगे। क्योंकि ये दुनिया का सबसे बेहतरीन हथियार है।

बताया जाता है कि एस-400 एयर डिफेंस मिसाइल सिस्टम हथियार नहीं ‘महाकवच’ है। यह आसमान से घात लगाकर आते हमलावर को पलभर में राख में बदल देता है। इसके सामने दुनिया का सबसे तेज उड़ने वाला खतरनाक फाइटर जेट F-35 भी नहीं टिक पाता है।

खास यह है कि एस-400 मिसाइल सिस्टम में चार तरह की मिसाइलें होती हैं, जिनकी रेंज 40, 100, 200, और 400 किलोमीटर तक होती है। यह सिस्टम 100 से लेकर 40 हजार फीट तक उड़ने वाले हर टारगेट को पहचान कर नष्ट कर सकता है। एस-400 मिसाइल सिस्टम का रडार बहुत अत्याधुनिक और ताकतवर है। 

ये मिसाइल जमीन से हवा में मार करती है, जिससे भारत की मारक क्षमता और मजबूत हो जाएगी। S-400 में सुपरसोनिक और हाइपर सोनिक मिसाइलें होती हैं, जो टारगेट को भेदने में माहिर हैं। S-400 को दुनिया के सबसे आधुनिक हथियारों में गिना जाता है।

ये मिसाइल दुश्मन के लड़ाकू विमानों, ड्रोन, मिसाइलों और यहां तक कि छिपे हुए विमानों को भी मारने में सक्षम है। इसकी मदद से रडार में पकड़ में न आने वाले विमानों को भी मार गिराया जा सकता है।

बता दें कि भारत ने अक्टूबर 2018 में रूस के साथ ऐसे पांच सिस्टम खरीदने का करार किया था, जिसकी लागत 5 अरब डॉलर यानी 33,000 करोड़ रुपये है। चीन हो या पाकिस्तान S-400 मिसाइल एयर डिफेंस सिस्टम के बल पर भारत न्यूक्लियर मिसाइलों को अपनी जमीन तक पहुंचने से पहले ही हवा में ही ध्वस्त कर देगा।

इतना ही नहीं S-400 से भारत चीन-पाकिस्तान की सीमा के अंदर भी उस पर नजर रख सकेगा। जंग के दौरान भारत S-400 सिस्टम से दुश्मन के लड़ाकू विमानों को उड़ने से पहले निशाना बना लेगा।

चाहे चीन के जे-20 फाइटर प्लेन हो या फिर पाकिस्तान के अमेरिकी एफ-16 लड़ाकू विमान। यह मिसाइल सिस्टम इन सभी विमानों को नष्ट करने की ताकत रखता है। रूस ने साल 2020-2024 तक भारत को एक-एक कर ये मिसाइल सिस्टम देने की बात कही थी।

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