राहुल गांधी (Rahul Gandhi) का बयान: हिंदुस्तान की पूंजी बेच रही सरकार

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा नेशनल मोनेटाइजेशन पाइपलाइन पॉलिसी पर सवाल उठाते हुए राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने कहा, “सरकार लगातार देश के संसाधनों को जो पिछले 70 सालों में बनाए गए हैं बेचने का प्रयास कर रही है प्रदेश के लिए दुर्भाग्य है।”

लोकसभा सांसद राहुल गांधी (Rahul Gandhi) एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री पी चिदंबरम ने प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करने के दौरान कहा कि, “भारतीय जनता पार्टी ये दावा करती है कि पिछले 70 सालों में कोई काम नहीं हुआ है। लेकिन उन सालों में जो राष्ट्रीय संपत्ति बनाई गई हैं उन्हें बेचा जा रहा है।”

उन्होंने यह भी कहा कि, “हिंदुस्तान की पूंजी बेची जा रही है, यह आपके भविष्य पर आक्रमण है। नरेंद्र मोदी जी अपने 2-3 उद्योगपति मित्रों के साथ हिंदुस्तान के युवा पर आक्रमण कर रहे हैं इसे आप अच्छी तरह समझिए।”

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान पूर्व वित्त मंत्री ने कहा कि, “जैसे ही बाजार में एकाधिकार बनता जाएगा,उसी तेजी से आप को रोजगार मिलना बंद हो जाएगा। इस देश में जो छोटे और मध्यम व्यवसाय हैं जो कल आप को रोजगार देंगे वे सब बंद हो जाएंगे,खत्म हो जाएंगे। 3-4 व्यवसाय रहेंगे, उनको रोजगार देने की कोई जरूरत नहीं रहेगी।”

यह भी पढ़ें – आखिरकार 15 महीने बाद राजधानी लखनऊ में 0 कोरोना (COVID) के केस

इसी दौरान राहुल गांधी ने मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि, “मोदी सरकार के इस निजी करण की योजना का कंधे से अर्थव्यवस्था के प्रमुख भागीदार क्षेत्रों में एकाधिकार उत्पन्न करना और नौकरियों को पूरी तरह समाप्त करना है।”

राहुल गांधी और पी चिदंबरम के द्वारा लगाए गए आरोपों को खारिज करते हुए केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने कहा कि, “साल 2008 में नई दिल्ली रेलवे स्टेशन के संदर्भ में एक RPC तब घोषित हुआ जब केंद्र में कांग्रेस की सरकार थी। क्या राहुल गांधी का ये आरोप है कि जिस सरकार की मुखिया उनकी माताजी थी वे सरकार देश बेचने का दुस्साहस कर रही थी।
स्मृति ईरानी ने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि, “पारदर्शिता के साथ जो सरकार ने राजकीय तिजोरी को भरने का काम किया है और कांग्रेस की लुटेरों से सुरक्षित किया, उस सरकार पर छींटाकशी करने का राहुल गांधी का प्रयास है।”

वित्त मंत्री जी द्वारा कल जो घोषणा हुई है उसमें स्पष्ट कहा गया है कि सरकार अपनी स्वामित्व फिर से प्राप्त करेगी और मुद्रीकरण की प्रक्रिया में सरकार की स्वामित्व को भी बनाए रखने के साथ-साथ यह भी चिन्हित करने का प्रयास किया गया है कि राज्य सभी अपने नोडल ऑफिसर इस प्रक्रिया के लिए घोषित करेंगे। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार को 3 लाख करोड़ रुपये की महत्वकांक्षी नेशनल मॉनिटरिंग पाइपलाइन पॉलिसी की घोषणा की थी। इस पाइपलाइन योजना के तहत सड़क, रेलवे स्टेशन, यात्री ट्रेन, स्टेडियम,एयरपोर्ट जैसी बुनियादी ढांचे के क्षेत्रों को निजी कंपनियों को लीज पर दिए जाने का प्रस्ताव रखा गया है।

AUTHOR – FATIMA NAQVI

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

one × 3 =

Back to top button