कैंसर के आगे हार गया ‘हमारा बजाज’, 84 साल की उम्र में दुनिया को किया अलविदा

नई दिल्ली। बजाज स्कूटर वाला वह विज्ञापन आज भी लोगों को याद होगा, जिसकी टैग लाइन ‘हमारा बजाज’ संगीतमय धुन के साथ सभी के मुंह पर एक मुस्कान दे जाती थी। उसी बजाज कंपनी को लंबे समय तक संभालने वाले दिग्गज कारोबारी और बजाज ऑटो के चेयरमैन रहे राहुल बजाज का शनिवार को निधन हो गया।

बता दें कि 84 साल इस धरती पर बिताने वाला यह धुरंधर बिजनेस मैन काफी समय से कैंसर की बीमारी से जूझ रहा था, जो आज कैंसर के आगे हार गया।

खबरों के मुताबिक़ दिग्गज कारोबारी और लंबे समय तक बजाज ऑटो के चेयरमैन रहे राहुल बजाज का निधन शनिवार को पुणे में हो गया।

बता दें, राहुल बजाज का जन्म 10 जून 1938 को कोलकाता में हुआ था। उनके पिता कमलनयन बजाज भी बड़े व्यापारी थे और वे इंदिरा गांधी के नजदीकी लोगों में थे। राहुल बजाज ने अपनी पढ़ाई दिल्ली के सेंट स्टीफेंस कॉलेज से की। इसके बाद उन्होंने मुंबई से कानून की डिग्री भी हासिल की थी।

राहुल बजाज ने 1965 में बजाज समूह की कमान संभाली थी। उन्होंने कंपनी का नेतृत्व करते हुए बजाज चेतक नाम का स्कूटर बनाया।

राहुल बजाज 1972 से ही कंपनी के गैर-कार्यकारी चेयरमैन का कार्यभार देख रहे थे। राहुल बजाज के नेतृत्व में बजाज ऑटो का कारोबार 7.2 करोड़ रुपये से 12,000 करोड़ तक पहुंचा। लेकिन बीते साल राहुल बजाज ने बजाज ऑटो के चेयरमैन का पद छोड़ दिया था।

अपनी बढ़ती उम्र को देखते हुए उन्होंने कंपनी के गैर-कार्यकारी चेयरमैन के पद से इस्तीफा दे दिया था। उनके बाद नीरज बजाज को नया चेयरमैन बनाया गया। राहुल बजाज अपने तेवरों के लिए भी जाने जाते थे।

एक बार उन्होंने गृह मंत्री अमित शाह के सामने सरकार के बारे में तीखी आलोचना की थी। उन्होंने कहा था कि इस वक्त देश में लोगों के बीच खौफ का माहौल है। लोगों को ये विश्वास नहीं है कि उनकी आलोचना को सरकार में किस तरह लिया जाएगा।

राहुल बजाज को 2001 में पद्म भूषण से भी सम्मानित किया गया था। राहुल बजाज के निधन पर कई नामचीन व्यक्तियों ने ट्वीट कर उन्हें श्रद्धांजलि दी।

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