केंद्र व पंजाब सरकार नहीं अब पीएम की सुरक्षा चूक मामले में जांच करेगी पूर्व जज की अध्यक्षा वाली टीम

नई दिल्ली। पंजाब में पीएम मोदी की सुरक्षा में चूक मामले को लेकर अब सुप्रीम कोर्ट ने सख्ती का रुख अपना लिया है। मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि अब इस मामले में पंजाब सरकार को न ही जांच करने की आवश्यकता है और न ही इस मामले में केंद्र अपनी और से कोई जांच कराए। कोर्ट ने सख्त लहजे में पंजाब और केंद्र सरकार दोनों को अपनी-अपनी जांच को फ़ौरन रोकने का आदेश दिया है। कोर्ट ने कहा कि इस मामले की जांच के लिए कोर्ट के पूर्व जज की अध्यक्षता में एक टीम का गठन किया जाएगा।

खबरों के मुताबिक़ मामले की सुनवाई के दौरान शीर्ष अदालत कमेटी गठित करने के लिए राजी हो गई है। साथ ही केंद्र व पंजाब सरकार को अपनी-अपनी जांच रोकने का आदेश दिया गया है।

सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि मामले को गंभीरता से लिया गया है। पंजाब सरकार ने भी माना है कि सुरक्षा में चूक हुई है, लेकिन हम यह तय कर रहे हैं कि जांच का दायरा क्या होगा।

इससे पहले सुनवाई के दौरान पंजाब सरकार ने शीर्ष अदालत से मांग की थी कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और एक कमेटी उसकी देखरेख में गठित की जाए।

हालांकि, केंद्र का कहना था कि उसकी ओर से एक कमेटी पहले से बनाई गई है। केंद्र कमेटी की जांच रिपोर्ट कोर्ट को सौंपेगा और समीक्षा करके उसी रिपोर्ट के आधार पर सुप्रीम कोर्ट कार्रवाई तय करे। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट इस पर राजी नहीं हुआ।

बता दें, पंजाब सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में बताया कि राज्य के सात अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं। उनसे पूछा गया है कि पीएम की सुरक्षा में चूक मामले में उनके खिलाफ कार्रवाई क्यों न की जाए। वहीं केंद्र सरकार ने शीर्ष अदालत में कहा कि पूरे मामले में डीजी और खुफिया अधिकारी जिम्मेदार हैं। क्योंकि उनकी ओर से रोड ब्लॉक के बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई। कारण बताओ नोटिस जारी करने का यही आधार है। केंद्र की ओर से इस मामले में पंजाब के डीजीपी और चीफ सेक्रेटरी को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।

वहीं केंद्र सरकार की ओर से सुप्रीम कोर्ट में सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि पंजाब में पीएम मोदी का दौरा अचानक तय नहीं हुआ था। इसके लिए चार जनवरी को रिहर्सल भी हुआ था। पंजाब के उच्चधिकारियों को उनके दौरे के बारे में पूरी जानकारी थी। यह भी पता था कि मौसम खराब हुआ तो पीएम सड़क मार्ग से भी जा सकते हैं।

मेहता ने बताया कि पीएम के दौरे में डीजीपी व चीफ सेक्रेटरी या फिर उनका प्रतिनिधि पीएम के साथ चलता है। यह सिर्फ प्रोटोकॉल का हिस्सा नहीं है। पीएम की सुरक्षा समन्वय का हिस्सा है। जानकारी के अभाव में पीएम का काफिला रोड ब्लॉक के पास पहुंच गया था। केंद्र ने कैबिनेट सेक्रेटरी, आईबी निदेशक व एसपीजी के आईजी की कमिटी बनाई है।

हालांकि, पंजाब सरकार को केंद्र द्वारा बनाई गई कमेटी पर बिलकुल भी भरोसा नहीं है। पंजाब सरकार का कहना है कि केंद्र द्वारा बनाई गई कमेटी में एनएसजी के अधिकारी शामिल हैं। वहीं इसके अलावा इस कमेटी में अन्य केंद्रीय अधिकारी भी शामिल हैं। यही वजह है कि उन्हें केंद्र की और से बनाई गई कमेटी पर बिलकुल भी भरोसा नहीं है।

यही वजह है कि दोनों पक्षों की बातों को ध्यान में रखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने पंजाब आयर केंद्र सरकार दोनों को अपनी जांच प्रक्रिया को रोकने का आदेश दिया और अपने स्तर से इस मामले की जांच कराने की बात कही।

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