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रेहड़ी व्यवसायियों के लिए डूडा ने लॉन्च किया प्रोजेक्ट घंटावाला

हमने एक ऐप विकसित किया है और इस ऐप के माध्यम से ग्राहक अपने व्यवसायियों से संपर्क कर पाएंगे। यह जोमैटो,स्विगी या अन्य ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की तरह ही एक ऐप है, इसमें ग्राहक अपने नजदीकी व्यवसायियों के वस्तुओं की मेनू और उनके स्थान आदि की सूचना इस ऐप दिखाई जाएगी।

प्रधानमंत्री की महत्वकांक्षी परियोजना राष्ट्रीय आजीविका मिशन के अंतर्गत डूडा द्वारा संचालित प्रोजेक्ट घंटावाला का शुभारंभ किया गया। इस प्रोजेक्ट के तहत स्थानीय विक्रेताओं को आत्मनिर्भर आजीविका प्रदान किया जाएगा। इस प्रोजेक्ट के माध्यम से सरकार रेहडी व्यवसायियों को वित्तीय और मोबाइल मोटर व्हीकल की सहायता दी जाएगी।जिससे वह जगह-जगह घूमकर अपने सामानों की बिक्री कर सकें।

घंटावाला प्रोजेक्ट के हेड मैनेजर श्री पुष्कर श्रीवास्तव और श्री वत्सल बोरा जी से जब लखनऊ 24 ने इस प्रोजेक्ट के बारे में पूछा तो उन्होंने बताया कि लॉकडाउन के दौरान प्रधानमंत्री के आत्मनिर्भर अभियान की कड़ी में “वोकल फॉर लोकल” की मुहिम को बढ़ावा देने के उद्देश्य इस प्रोजेक्ट को लॉन्च किया गया है।

Mr. Vatsal and Mr.Pushkar

प्रश्न: वत्सल बोरा जी — प्रोजेक्ट घंटा वाला क्या है?

उत्तर : बचपन में जब हम लोग गांव में रहा करते थे तो उस समय कुछ दुकानदार जैसे की आइसक्रीम विक्रेता ठेले पर एक घंटी लगाते थे और वह चलते-चलते जब किसी गांव से गुजरते थे तो वह उसे बजाते थे जिससे लोग यह समझ जाते थे कि कोई विक्रेता आया है। उसी से प्रेरणा लेते हुए इस प्रोजेक्ट का नाम घंटावाला रखा गया है।

प्रोजेक्ट घंटावाला रेहडी व्यवसायियों को सरकार की ओर से वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी जिसके तहत उन्हें एक मोबाइल ठेला प्रदान किया जाएगा। इस मोबाइल खेल के माध्यम से वे जगह-जगह जाकर अपने सामानों की बिक्री कर सकेंगे। पिछले कुछ वर्षों से में ऑनलाइन प्लेटफार्म पर सामानों की बिक्री और खाने पीने की वस्तुओं के विक्रय की वजह से पटरी विक्रेताओं की आजीविका खतरे में आ गई थी। इसके अतिरिक्त लॉकडाउन का भी एक बड़ा प्रभाव रहा। इन सब से उबरने के लिए सरकार ने इनकी मदद करने की ठानी और इसके यह प्रोजेक्ट घंटावाला प्रारंभ किया गया।

प्रश्न: पुष्कर श्रीवास्तव जी क्या प्रोजेक्ट घंटावाला के माध्यम से पहले से स्थापित जोमैटो और स्विगी व अन्य ऑनलाइन कंपनियों से यह प्रतिस्पर्धा कर पाएंगे?

उत्तर : जी हां ! जरूर कर पाएंगे, क्योंकि स्विगी और जोमैटो के अतिरिक्त अन्य ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से यह बिल्कुल और बहुत अलग है। जहां स्विगी और जोमैटो जैसी कंपनियां डिलीवरी चार्ज लेती हैं। वहीं के ठेले वाले कोई डिलीवरी चार्ज नहीं लेंगे। जब हम ऐसी कंपनियों से अपना सामान खरीदते हैं या फिर खाने के सामान मंगवाते हैं तो वह प्रोडक्ट कैसे बना है यह हम नहीं देख पाते। कौन सा तेल इस्तेमाल हुआ है यह नहीं देख पाते ना जान पाते हैं। लेकिन उस ठेले के अंदर एक कैमरा लगा होगा आप उसे मॉनिटर कर पाएंगे कि आपका जो खाना बना है या जो सामान आपको मिल रहा है वह हाइजेनिक है कि नहीं है। आप उसकी लगातार मॉनिटरिंग कर सकते हैं और यह सबसे बड़ी बात की यह खाना आपके घर के सामने ही बनेगा। जैसे आपको छोले भटूरे की आवश्यकता है तो आप उनसे ऐप के माध्यम से कांटेक्ट करेंगे वे आपके घर के आसपास के आएंगे और आपको ताजा ताजा छोले भटूरे बना कर देंगे।

प्रश्न: वत्सल बोरा जीयदि कोरोना की तीसरी लहर आती है तो क्या यह लोग सरवाइव कर पाएंगे?

उत्तर : जी हां ! बिल्कुल कर पाएंगे क्योंकि जितने भी पटरी दुकानदार इस ग्रुप से जुड़ेंगे उन उन सब का वैक्सीनेशन सर्टिफिकेट उनके ठेले पर ही लगा रहेगा। दूसरी चीज कि यह अब अकेले नहीं है कोई भी संकट आए अब यह अकेले नहीं लड़ेंगे इनके साथ सरकार है और एक बहुत बड़ा नेटवर्क है। इसके साथ साथ पिछले लॉकडाउन में एसेंशियल सर्विसेज बंद नहीं थी। अगर इनके पास एक मोबाइल ठेला होगा तो यह लोग लॉकडाउन में भी अपनी आजीविका चलाने में सक्षम रहेंगे।

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प्रश्न: वत्सल बोरा जी — हम बड़े-बड़े रेस्टोरेंट्स में जाते हैं तो वहां साफ-सफाई बैठने की उत्तम व्यवस्था रहती है तो क्या इसका कोई विकल्प है इनके पास?


उत्तर : देखिए ! बड़े-बड़े रेस्टोरेंट्स हैं वह पैसे अधिक लेते हैं लेकिन जो फूड आपको खाने को मिलता है वह फूड कोई आम व्यक्ति ही बनाता है और वही आम व्यक्ति अपना स्वयं का बिजनेस शुरू करता है तो हम उसे दूर नहीं हो सकते। हमें यह जानना होगा कि बड़े-बड़े रेस्टोरेंट्स में वही लोग खाना बनाते हैं जो इन पटरियों पर बनाते हैं तो हमें उसे भागने की जरूरत नहीं है। हां ! यह है कि बैठने की उचित व्यवस्था नहीं देंगे क्योंकि यह मोबाइल ठेले पर होंगे लेकिन आप अपने घरों में बैठकर आसानी से गरम-गरम खा सकते हैं जो अब रेस्टोरेंट में बैठ कर खा सकते हैं। आपको जो एक से पैसे देने पड़ते हैं वह सब नहीं देने होंगे। उन सब से बच जाएंगे आप तो बहुत पैसे कम हो जाएंगे आपके आप अपने घर पर अच्छे से खा सकेंगे।

प्रश्न: पुष्कर श्रीवास्तव जीग्राहक व्यवसायियों से कैसे संपर्क करेंगें?

उत्तर : हमने एक ऐप विकसित किया है और इस ऐप के माध्यम से ग्राहक अपने व्यवसायियों से संपर्क कर पाएंगे। यह जोमैटो,स्विगी या अन्य ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की तरह ही एक ऐप है, इसमें ग्राहक अपने नजदीकी व्यवसायियों के वस्तुओं की मेनू और उनके स्थान आदि की सूचना इस ऐप दिखाई जाएगी।

-Shraddha,Vipul,Fatima and Priyanshu

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