रूस-यूक्रेन में छिड़ी जंग को देखते हुए भारत की सुरक्षा पर पीएम मोदी की हाई-लेवल मीटिंग

नई दिल्ली। रूस-यूक्रेन के मध्य छिड़ी जंग का आज 18वां दिन हो चला है, लेकिन हालात जस के तस बने हुए हैं। या कुछ यूं कहे कि हालात बद से बदतर होते जा रहे हैं, तो इस अवस्था पर अधिक फिट बैठेगा। ऐसे में वैश्विक स्तर पर भारत की सुरक्षा और यूक्रेन में फंसे भारतीयों को बाहर निकालने की योजना के संबंध में आज पीएम मोदी ने एक हाई लिवर मीटिंग की। साथ ही इस दौरान रूसी गोलीबारी में जान गंवाने वाले नवीन शेखरप्पा के पार्थिव शरीर को भारत वापस लाने के विषय में भी चर्चा हुई।

खबरों के मुताबिक़ पीएम मोदी की अध्यक्षता में हुई इस हाई लेवल मीटिंग में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अलावा रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, विदेश मंत्री एस. जयशंकर, विदेश सचिव हर्षवर्धन श्रृंगला और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल मौजूद रहे।

बताया जा रहा है कि सुरक्षा पर कैबिनेट कमेटी की बैठक ने पीएम मोदी को सीमावर्ती क्षेत्रों के साथ-साथ समुद्री और हवाई क्षेत्र में भारत की सुरक्षा तैयारियों के नवीनतम विकास और विभिन्न पहलुओं के बारे में अधिकारियों और मंत्रियों ने जानकारी दी।

इस दौरान पीएम मोदी को यूक्रेन में नवीनतम घटनाओं के बारे में भी जानकारी दी गई, जिसमें भारतीय नागरिकों को निकालने के लिए ऑपरेशन गंगा का विवरण भी शामिल है। पीएम को बताया गया कि भारत के पड़ोसी देशों के कुछ नागरिकों को भी ऑपरेशन गंगा के तहत यूक्रेन से निकाला गया।

वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज सुरक्षा पर कैबिनेट कमेटी की बैठक के दौरान अधिकारियों को निर्देश दिया कि खारकीव में रूस की गोलीबारी में जान गंवाने वाले नवीन शेखरप्पा के पार्थिव शरीर को वापस लाने के लिए हर संभव प्रयास किए जाएं।

ध्यान रहे, यूक्रेन से आ रही ताजा जानकारियों के मुताबिक़ रूस ने यूक्रेन के दक्षिण में मारियुपोल पर अपना शिकंजा कस लिया है। साथ ही यूक्रेन की राजधानी कीव के बाहरी इलाकों में गोलाबारी तेज कर दी है।

रूस की ओर से हो रही गोलाबारी के चलते करीब 4.5 लाख की आबादी वाले मारियुपोल शहर में भोजन, पानी और दवा पहुंचाने व यहां फंसे नागरिकों को बाहर निकालने के प्रयास विफल हो गए हैं। मारियुपोल के मेयर के मुताबिक रूसी हमले में शहर में अबतक 1500 से अधिक लोग मारे गए हैं। शवों को सामूहिक कब्रों में दफनाया जा रहा है। वहीं ऐसा भी कहा जा रहा है कि गोलाबारी के कारण यह कार्य भी बाधित हुआ है।

बता दें, रूस और यूक्रेन के बीच 24 फरवरी को जंग शुरू हुई थी, उसके बाद से प्रधानमंत्री मोदी केंद्रीय मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ कई हाई-लेवल मीटिंग्स कर चुके हैं। गौरतलब है कि रूस और यूक्रेन के बीच जारी जंग अपने 18वें दिन में प्रवेश कर चुका है। वैश्विक दबाव और अमेरिका समेत तमाम यूरोपीय देशों की ओर लगाए गए सख्त प्रतिबंधों के बावजूद रूस यूक्रेन पर लगातार अपने हमले तेज करता जा रहा है।

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