जानें क्या है Statue of Equality जिसका आज पीएम मोदी करेंगे उद्घाटन

हैदराबाद के शमशाबाद स्थित मुचितला में 45 एकड़ में स्थापित स्टैच्यू ऑफ इक्वलिटी का आज यानि शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उद्घाटन कर राष्ट्र को समर्पित करेंगे। ‘Statue of Equality’का बहुत महत्व है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दोपहर 2.45 बजे दिल्ली से विशेष विमान से स हैदराबाद पहँचेंगे। मोदी पहले इंटरनेशनल न क्रॉप रिसर्च इंस्टीट्यूट फॉर दि सेमी एरिड ट्रॉपिक्स (इक्रीसेट) कैम्पस पटनचेरू का दौरा करेंगे। शाम 5 बजे इक्रीसेट की 50वीं वर्षगांठ पर आयोजित होने वाले वि समारोह में हिस्सा भी लेंगे।

इसके बाद श्री रामानुजाचार्य आश्रम में जारी श्री रामानुजाचार्य के 1000वें जंयती समारोह में हिस्सा लेंगे और 216 फीट ऊँची स्टैच्यू ऑफ इक्वलिटी का उद्घाटन करेंगे। 11 वीं सदी के संत श्री रामानुजाचार्य जिन्होंने भक्ति मार्ग से माध्यम से समाज में समानता का संदेश दिया था कि इस विशालकाय प्रतिमा को पांच धातु से तैयार किया गया है। इसमें सोना, चाँदी, ताम्बा, कांसा और जिंक धातु शामिल हैं।

खबरों के अनुसार यह विश्वस्तर पर अपने आपमें बड़ी प्रतिमा है, जिसे 54 फीट के धरातल (भद्र वेदी) पर स्थापित किया गया है। भद्र वेदी को वैदिक डिजिटल लाइब्रेरी के रूप जिसमें शोध केंद्र के अलावा इंडियन टेक्स्ट थिएटर और एजुकेशन गैलरी शामिल है प्रतिमा का निर्माण श्री रामानुजाचार्य आश्रम के चिन्ना जीयर स्वामी के सानिध्य से किया गया

जानकारी के अनुसार समारोह के दौरान थ्री डी प्रेजेंटेशन मैपिंग के जरिए श्री रामानुजाचार्य के जीवन चरित्र, उनकी भक्ति व धार्मिक यात्रा पर प्रकाश डाला जाएगा। समारोह के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आश्रम का दौरा कर प्रतिमा के अतराफ तैयार 108 दिव्य देसम का अवलोकन करेंगे।

कौन थे रामानुजाचार्य स्वामी?

रामाजुचार्य स्वामी का जन्म 1017 में तमिलनाडु के श्रीपेरंबुदुर में हुआ था। मूर्ति और मंदिर परिसर की पूरी परिकल्पना त्रिदंडी श्री चिन्ना जीयर स्वामी ने की है। वैष्णव समाज के प्रमुख संतों में उनका नाम लिया जाता है। 16 वर्ष की उम्र में उन्होंने विद्वान यादव प्रकाश को कांची में अपना गुरु बनाया था। उनके परदादा अलवंडारू श्रीरंगम वैष्णव मठ के पुजारी थे।

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