पीएम मोदी ने किया एशिया के सबसे बड़े ‘गोबर-धन प्लांट’ का लोकार्पण

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये इंदौर में एशिया के सबसे बड़े “गोबर-धन (बायो-सीएनजी) संयंत्र” का उद्घाटन किया। बताया जा रहा है कि इस संयंत्र में प्रतिदिन 550 टन अलग किये हुए गीले जैविक कचरे को ट्रीट करने की क्षमता है। इससे प्रतिदिन लगभग 17,000 किलोग्राम सीएनजी और प्रतिदिन 100 टन जैविक खाद का उत्पादन होने की उम्मीद है।

यह संयंत्र जीरो लैंडफिल मॉडल पर आधारित है, जिससे कोई रद्दियां यानी रिजेक्ट्स पैदा नहीं होंगी। इसके अलावा इस परियोजना से कई पर्यावरण संबंधी लाभ होने की उम्मीद है। जैसे – ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन में कमी, उर्वरक के रूप में जैविक खाद के साथ साथ हरित ऊर्जा प्रदान करना।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को कहा कि केंद्र सरकार पशुपालन क्षेत्र में किसानों को लाभान्वित करने के लिए आगामी दो वर्षों में देश के 75 बड़े नगर निकायों में बायो-सीएनजी आधारित “गोबर-धन संयंत्र” शुरू करने की योजना पर काम कर रही है। ये अभियान भारत के शहरों को स्वच्छ और प्रदूषण रहित बनाने की दिशा में मददगार साबित होगा।

प्रधानमंत्री वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से नगरपालिका कचरे के प्रसंस्करण के लिए इंदौर में 550 टन क्षमता वाले एशिया के सबसे बड़े बायो-सीएनजी “गोबर-धन संयंत्र” का उद्घाटन करने के बाद कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि यह संयंत्र अन्य शहरों को भी ऐसे प्लांट लगाने के लिए प्रेरित करेगा। प्रधानमंत्री ने कहा कि देशभर के शहरों में लाखों टन कूड़ा दशकों से हजारों एकड़ भूमि घेरे हुए है। ये शहरों के लिए वायु प्रदूषण और जल प्रदूषण से होने वाली बीमारियों की भी बड़ी वजह है। इसलिए स्वच्छ भारत मिशन के दूसरे चरण में इस समस्या से निपटने के लिए काम किया जा रहा है।

उन्होंने कहा, “शहर में घरों से निकला गीला कचरा हो, गांव में पशुओं-खेतों से मिला कचरा हो, ये सब एक तरह से गोबरधन ही है। शहर के कचरे और पशुधन से गोबरधन, फिर गोबरधन से स्वच्छ ईंधन, फिर स्वच्छ ईंधन से ऊर्जाधन, ये श्रंखला, जीवनधन का निर्माण करती है।”

प्रधानमंत्री ने कहा कि किसी भी चुनौती से निपटने के दो तरीके होते हैं। पहला उस चुनौती का तात्कालिक समाधान कर दिया जाए और दूसरा उस चुनौती से ऐसे निपटा जाए कि सभी को स्थाई समाधान मिले।

प्रधानमंत्री ने इस दौरान इंदौर सहित देशभर के लाखों सफाई कर्मियों का भी आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि कोरोना के इस मुश्किल समय में भी आपने जो सेवाभाव दिखाया है, उसने कितने ही लोगों का जीवन बचाने में मदद की है।

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