‘ऑपरेशन गंगा’ ने पकड़ी रफ़्तार… यूक्रेन से 628 नए छात्रों की वापसी, कतार में 18 फ्लाइट

नई दिल्ली। बीते दो दिनों में रूस और यूक्रेन के बीच जारी जंग की भेट चढ़े दो भारतीय छात्रों की मौत के बाद भारत सरकार भारतीय छात्रों की वतन वापसी को लेकर अधिक सक्रिय हो गई है। यही वजह है कि युद्धग्रस्त देश में फंसे भारतीयों को निकालने के लिए विशेष दूत के तौर पर केन्द्रीय मंत्री किरेन रिजिजू को स्लोवाकिया, ज्योतिरादित्य सिंधिया को रोमानिया, हरदीप पुरी को हंगरी और वी के सिंह को पोलैंड भेजा गया है।

इसी का असर हैं कि बुधवार देर रात पहले विमान में बुखारेस्ट से 200 यात्रियों को लेकर रात करीब डेढ़ बजे हिंडन सैन्य अड्डे पहुंचा।

वहीं बुडापेस्ट से 220 भारतीयों को लेकर दूसरे विमान ने वतन वापसी की। इसके अलावा तीसरा विमान 208 नागरिकों के साथ ज़ेज़ॉ से यहां पहुंचा। इतना ही चौथा विमान भी भारी संख्या में भारतीयों को लेकर जल्द ही वतन वापसी करने वाला है।

इसी के साथ बड़ी खबर यह है कि केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि ऑपरेशन गंगा के तहत 3726 भारतीयों को आज करीब 18 अलग-अलग फ्लाइटों के माध्यम से वतन वापस लाया जाएगा।

छात्रों ने बताया यूक्रेन का हाल…

दिल्ली निवासी श्रद्धा ने कहा, ‘मैं इवाना में पढ़ाई कर रही थी। लेकिन मेरी कीव से फ्लाइट थी, लेकिन बाद में एयर स्पेस बंद होने की वजह से मैं कीव में ही फस गई थी। फिर हम एम्बेसी के थ्रू एक स्कूल में रुके थे लेकिन वहां धमाकों की आवाजें आती थी।

श्रद्धा ने बताया कि हमारे 500-600 मीटर दूर भी बम गिर रहे थे फिर हमने सोचा कि अब यहां से निकलना चाहिए। दोस्तों के साथ डिसाइड किया कि यहां से निकलते हैं। राजस्थान के झुंझनू निवासी और MBBS फर्स्ट इयर के स्टूडेंट निखिल चौधरी ने बताया कि वो 25 दिन पहले यूक्रेन गये थे। हालात तेजी से बिगड़े तो उन्होंने अपने दोस्तों के साथ पैदल ही रोमानिया जाने का फैसला किया। उन्होंने बताया कि उनके कुछ दोस्तों की हालत ठीक नहीं है। वो कीव और खारकीव में तीन दिन से बंकर में हैं।

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