योगी की शपथ पर ‘लक्ष्य 2024’… कैबिनेट गठन के लिए बैठकों की मैराथन जारी, समझें पूरी गणित

लखनऊ। यूपी विधानसभा चुनावों में प्रचंड जीत के बाद अब सीएम की ताजपोशी में महज एक दिन ही शेष रह गया है। ऐसे में भाजपा के आलाकमान लगातार इस मौके की तैयारी में जोर-शोर से जुटे हुए हैं। इसी के साथ इस बात का फैसला पूरी तरह से ले लिया गया है कि इस बार योगी की कैबिनेट में कितने और किन लोगों को जगह मिलेगी। इस संबंध में आज बैठकों का दौर भी जारी है।

इसी कड़ी में एक बैठक इस बात को लेकर भी हो रही हैं, जिसमें यूपी से जीत हासिल करने वाले सभी विधायक इस बात को तय करेंगे कि इस बार उनका नेता कौन होगा। हालांकि, यह बस एक औपचारिकता मात्र है। सर्वविदित है कि सीएम पद की शपथ योगी आदित्यनाथ ही लेंगे, क्योंकि चुनावों से पूर्व ही भाजपा ने इस बात का इअलान कर दिया था।

अब बस असमंजस की स्थिति बस उप-मुख्यमंत्री पद को लेकर है। मगर, इस मामले में भी अब पार्टी के शीर्ष नेतृत्व ने अपना अंतिम फैसला ले लिया है। बस इस पर आख़िरी मुहर लगना बाकी है।

दरअसल, जानकारी यह निकर कर सामने आ रही है कि पिछली बार की तरह ही इस बार भी योगी सरकार में दो उप-मुख्यमंत्री ही रहने वाले हैं। हालांकि, उनके नाम अभी स्पष्ट नहीं है। बावजूद इसके यह जरूर निश्चित है कि यूपी में उप-मुख्यमंत्री बनाने के मामले में भाजपा पुराने फार्मूले पर ही आगे बढ़ने वाली है।

इसके अलावा योगी सरकार के नए मंत्रिमंडल को लेकर बुधवार से दिल्ली में बैठकों का मैराथन दौर भी चला। अब केंद्रीय पर्यवेक्षक अमित शाह और रघुवर दास फाइनल लिस्ट को लेकर लखनऊ पहुंच रहे हैं। मिल रही जानकारी के मुताबिक योगी आदित्यनाथ ने संभावित मंत्रियों  सुबह चाय और नास्ते पर बुलाया है। वैसे तो कुल 61 या उससे ज्यादा मंत्री शपथ ले सकते हैं, लेकिन इस बार 25-30 नए चेहरे मंत्रिमंडल का हिस्सा होंगे।

सूत्रों से मिल रही जानकारी के मुताबिक़ योगी आदित्यनाथ की तरफ से 45-50 संभावित मंत्रियों को चाय पर बुलाया गया है। इसमें 15-20 चेहरे वे हैं जो योगी सरकार के पहले कार्यकाल में भी मंत्री रहे हैं। इसके अलावा 25-30 चेहरे वे हैं जो पहली बार योगी कैबिनेट का हिस्सा होंगे।

बता दें, जिन्हें शुक्रवार को योगी ने चाय पर बुलाया है उनके नाम हैं- केशव प्रसाद मौर्या, डॉ दिनेश शर्मा, सिद्धार्थनाथ सिंह, नंदगोपाल नंदी, ब्रजेश पाठक, जय प्रताप सिंह, सतीश महाना, जितिन प्रसाद, सुरेश खन्ना, श्रीकांत शर्मा सहित अन्य मंत्रियों को फिर से कैबिनेट में शामिल किया जा सकता है।

इसके अलावा कुछ हारे हुए मंत्रियों को भी मौका भी मौका मिल सकता है। मंत्रिमंडल में जाट समुदाय को तवज्जो मिल सकता है। साथ काशी, ब्रज और अवध क्षेत्र को भी तरजीह मिलेगी। दरअसल, 2024 के चुनाव को ध्यान में रखते हुए योगी मंत्रिमंडल की रूप रेखा तैयार की जा रही है। इसमें जातीगत समीकरण के साथ ही क्षेत्रीय समीकरणों को भी साधने की कोशिश रहेगी। पूर्वांचल से लेकर, पश्चिम, बुंदेलखंड और अवध क्षेत्र प्रतिनिधित्व इसमें मिल सकता है।

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