इस बार घोड़े पर माता का आगमन, अभिजीत मुहूर्त में कर सकते हैं कलश स्थापना जानें नियम

लखनऊ। आज यानी 2 अप्रैल से चैत्र नवरात्रि का पहला दिन है। इस दिन माता दुर्गा के नौ रूपों में से प्रथम रूप शैलपुत्री माता की पूजा अर्चना की जाती है। ऐसे में लोग नौ दिन की पूजा की शुरुआत कलश स्थापना कर रहते हैं। खास यह है कि इस बार की नवरात्रि पूरे नौ दिन की है। वहीं इस बार माता का पृथ्वी पर आगमन घोड़े पर हुआ है। ऐसे में इस बार की नवरात्रि काफी मंगलकारी और शुभ फल देने वाली मानी जा रही है।

इस बार नवरात्रि घटस्थापना का मुहूर्त आज सुबह 06 बजकर 03 मिनट से 08 बजकर 31 मिनट था। अगर किसी कारण वश आप इस मुहुर्त में कलश स्थापना नहीं कर पाते हैं तो अभिजीत काल में 11:48 से 12:37 तक कलश स्थापना कर सकते है।

बता दें, चैत्र नवरात्रि के साथ आज से नया हिंदू विक्रम संवत 2079 भी शुरू हो गया है। चैत्र नवरात्रि पर महाराष्ट्र में गुड़ी पड़वा भी बहुत ही धूमधाम के साथ मनाया जाता है।

आज से नौ दिनों तक देवी दुर्गा की उपासना की जाएगी। घर-घर में मां स्वयं विराजमान है। ऐसे में मां को प्रसन्न करने के लिए प्रतिदिन सुबह और शाम को देवी दुर्गा की विधि पूजा-पाठ और आराधना की जाएगी। पूजा-पाठ के अलावा मां का आशीर्वाद पाने के लिए दुर्गा सप्तशती और दुर्गा चालीसा का पाठ अवश्य ही करना चाहिए। 

अगर किसी कारणवश दुर्गा सप्तशती और दुर्गा चालीसा का पाठ नहीं कर सकते तो कम से कम ‘ओम ऐं ह्रीं क्लीं चामुंडायै विच्चे’ की एक माला हर रोज अवश्य करें।

10 अप्रैल को रामनवमी और 11 अप्रैल को पारण कर नवरात्रि का समापन किया जाएगा। आइए जानते हैं नवरात्रि पर क्या करें…

यदि आप मां जगदंबे को प्रसन्न करने करने के लिए उनके समक्ष 9 मिट्टी के दीपक में अखंड ज्योति जलाएं, तो विशेष फल मिलता है। लेकिन ध्यान रखें कि ये अखंड ज्योति बुझनी नहीं चाहिए।  लाल रंग मां दुर्गा का सबसे प्रिय रंग माना जाता है। इसलिए पूजा में लाल फूल, लाल चुन्नी और आसन के तौर पर लाल रंग के कपड़े का इस्तेमाल करें।

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