दिल्ली से पढ़े नंद मूलचंदानी बने CIA के पहले CTO, बोले- सम्मानित महसूस कर रहा

नई दिल्ली। भले ही अमेरिका आज वैशविक महाशक्तियों में से एक है, लेकिन अपने ज्ञान, बुद्धि और क्षमता से भारत ने भी समय-समय पर अपनी प्रतिभा का लोहा दुनिया में मनवाया है। दरअसल, ताजा मामले में भारतीय मूल के आईटी विशेषज्ञ नंद मूलचंदानी अमेरिका में CIA (केंद्रीय खुफिया एजेंसी) के पहले मुख्य प्रौद्योगिकी अधिकारी बने हैं। बताया जा रहा है कि नंद मूलचंदानी के पास सिलिकॉन वैली में काम करने का 25 साल से अधिक का अनुभव है। वहीं अमेरिका में जब उन्हें इस पद पर नियुक्त किया गया तो सोशल मीडिया के माध्यम से उन्होंने इस बात की जानकारे देते हुए खुशी जाहिर की।

खबरों के मुताबिक़ CIA में अपॉइंटमेंट के बाद मूलचंदानी ने एक बयान में कहा- मुझे खुशी और गर्व है कि मैं एक शानदार और प्रोफेशनल टीम के साथ काम करने जा रहा हूं। यहां हर सेक्टर के एक्सपर्ट लोग हैं और वर्ल्ड क्लास फेसेलिटीज हैं। हम मिलकर काम कर पाएंगे और इस एजेंसी को एक नया मुकाम दिलाएंगे।

बता दें, नंद की स्कूली शिक्षा दिल्ली में हुई है। उन्होंने कॉर्नेल से कंप्यूटर साइंस और मैथ में डिग्री, स्टैनफोर्ड से मैनेजमेंट में मास्टर ऑफ साइंस की डिग्री और हार्वर्ड से पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन में मास्टर डिग्री हासिल की है। उन्होंने 1979 से 1987 के बीच दिल्ली के ब्लूबेल्स स्कूल इंटरनेशनल से पढ़ाई की है।

उनकी नियुक्ति को लेकर सीआईए ने एक ट्वीट किया। जिसमें उसने बताया कि 25 से अधिक वर्षों का कार्यअनुभव रखने वाले मूलचंदानी यह सुनिश्चित करेंगे कि एजेंसी सीआईए के मिशन को आगे बढ़ाने के लिए अत्याधुनिक नवाचारों का लाभ उठा रही है। खास बात यह भी है कि इस खुफिया एजेंसी में पहली बार चीफ टेक्नोलॉजी ऑफिसर यानी CTO की पोस्ट क्रिएट की गई है।

शुक्रवार को जारी हुए केंद्रीय खुफिया एजेंसी (सीआईए) के एक बयान के मुताबिक, नंद मूलचंदानी को  सिलिकॉन वैली के साथ-साथ रक्षा विभाग (डीओडी) में काम करने का पर्याप्त अनुभव है। वहीं इस भूमिका के लिए मूलचंदानी ने कहा कि मैं इस भूमिका में सीआईए में शामिल होने के लिए सम्मानित महसूस कर रहा हूं। उन्होंने कहा कि प्रौद्योगिकीविदों और डोमेन विशेषज्ञों की एजेंसी की अविश्वसनीय टीम के साथ काम करने के लिए तत्पर हूं। ध्यान रहे, सीआईए में शामिल होने से पहले मूलचंदानी ने हाल ही में सीटीओ और डीओडी के संयुक्त आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सेंटर के कार्यवाहक निदेशक के रूप में कार्य किया। वे कई सफल स्टार्टअप ओब्लिक्स (ओरेकल द्वारा अधिग्रहित), डिटरमिना (वीएमवेयर द्वारा अधिग्रहित), ओपनडीएनएस (सिस्को द्वारा अधिग्रहित), और स्केलएक्सट्रीम (साइट्रिक्स द्वारा अधिग्रहित) के सह-स्थापना की और सीईओ भी थे।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published.

one × 3 =

Back to top button