शह-मात के खेल में भाजपा का नया दांव, सपा के विरोध में कर दी यह ‘ट्रंप कार्ड’ खेलने की तैयारी

लखनऊ। आगामी विधानसभा चुनावों की तारीखों का ऐलान होने के बाद से ही यूपी के सियासी गलियारी की हलचल तेज हो गई है। एक ओर सत्तापक्ष से लेकर विपक्षी दलों में दल बदल की राजनीति का खेल तेजी पकड़ रहा है। वहीं हर दल इस प्रयास में है कि दूसरे दल के जिताऊ उम्मीदवार को अपने पाले में मिलाकर चुनावी रण को नए आयाम दी जाएं। ऐसे में अब भाजपा भी इस मामले में पीछे नहीं दिखाई दे रही है। जहां बीते दिन भाजपा के स्वामी प्रसाद मौर्य समेत कई विधायकों ने दलबदल की राजनीति के तहत पार्टी से इस्तीफा दिया। वहीं अब भाजपा ने काउंटर अटैक करते हुए फिरोजाबाद की सिरसागंज सीट से विधायक हरिओम यादव को अपनी और मिला लिया है, जो रिश्ते में मुलायम सिंह के समधी भी हैं।

खबरों के मुताबिक़ हरिओम यादव के अलावा आज बीजेपी ने सहारनपुर जनपद के बेहट से कांग्रेस विधायक नरेश सैनी और सपा के पूर्व विधायक धर्मपाल यादव को भी अपनी तरफ शामिल किया है।

बता दें हरिओम यादव सिरसागंज सीट से विधायक हैं। वह फिलहाल समाजवादी पार्टी से निलंबित चल रहे हैं। हरिओम यादव को पिछले साल फरवरी 2021 में सपा से छह साल के लिए निष्कासित कर दिया गया था। उनपर पार्टी लाइन से हटकर, पार्टी विरोधी गतिविधियां करने का आरोप लगा था। अखिलेश यादव के निर्देश पर यह एक्शन लिया गया था।

अब आप सोच रहे होंगे कि हरिओम यादव मुलायम सिंह के समधी किस प्रकार से हुए तो बता दें कि हरिओम यादव के सगे भाई रामप्रकाश नेहरू की बेटी मृदुला का विवाह मुलायम सिंह के भतीजे यानी मुलायम सिंह के बड़े भाई रतन सिंह यादव के पुत्र रणबीर सिंह यादव से हुआ था।

बताया जाता है कि हरिओम यादव पहले भी भाजपा की चुनावी मामलों में भाजपा की मदद करते रहे हैं। जानकारी यह भी हैं कि बीते जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनावों में भी हरिओम यादव ने भाजपा की काफी मदद की थी। माना जाता है कि हरिओम यादव अखिलेश के चाचा शिवपाल यादव के काफी करीब हैं।

लेकिन जब चाचा शिवपाल ने अखिलेश साथ मिलकर आगामी विधानसभा चुनावों को लड़ने का मन बनाते हुए फिर से सपा की और वापसी की तो यह बात हरिओम को रास नहीं आई और उन्होंने भाजपा का दामन थाम लिया।

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