रंग लाई मोदी की कोशिश… पुतिन ने किया सीजफायर का ऐलान, छात्रों को मिलेगा निकलने का रास्ता

नई दिल्ली। ‘ऑपरेशन गंगा’ के तहत यूक्रेन से फंसे हुए भारतीयों को निकालने का अभियान पहले से ही जारी हैं। इसी बीच एक ऐसी बात सामने आई है, जिसने देश ही नहीं, बल्कि दुनिया की नजर में पीएम मोदी की महत्ता को और भी ज्यादा बढ़ा दिया है। दरअसल, रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने पीएम मोदी की उस बात को मान लिया है, जिसमें उन्होंने यूक्रेन में सीजफायर का ऐलान कर भारतीय छात्रों को वतन वापसी का रास्ता देने की बात कही गई थी।

बता दें, पीएम मोदी अब तक दो बार रूसी राष्ट्र्पति व्ला दिमीर पुतिन से इस संबंध में बातचीत कर चुके हैं। भारत ने यूक्रेन और रूस से मांग की थी कि वे हमारे नागरिकों को निकलने का मौका दें और सीजफायर का ऐलान करें। अभी भी बड़ी संख्या में भारतीय रूस से सटे यूक्रेन के इलाकों में फंसे हैं, जहां उन्हें तत्काल मदद की जरूरत है।

वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्देश पर 4 केंद्रीय मंत्री हरदीप पुरी, किरण रिजिजू, जनरल वीके सिंह और ज्योतिरादित्य सिंधिया यूक्रेन के पड़ोसी देशों में पहुंचे हैं। ये मंत्री अलग-अलग देशों से भारतीय छात्रों की स्वदेश वापसी को सुनिश्चित कर रहे हैं।

खबरों के मुताबिक़ रूस ने यूक्रेन के युद्धग्रस्ते इलाकों में फंसे लोगों को निकालने के लिए दो जगहों मारियोपोल और वोल्वो नोखा में सीजफायर और ग्रीन कॉरिडोर बनाने का ऐलान किया गया है।

भारतीयों को निकालने की दिशा में अब यह बहुत ही महत्वपूर्ण कदम है। यह सीजफायर भारतीय समयानुसार 11.30 बजे से लागू हो गया है।

हालांकि इन दोनों ही इलाकों में भारतीयों की संख्या अधिक नहीं है, फिर भी शांति की दिशा में यह एक बढ़िया कदम है।

माना जा रहा है कि यूक्रेन और रूस के बीच दूसरी दौर की बातचीत के बाद इस कॉरिडोर को बनाने पर सहमति बनी है।

रूस ने ऐलान किया है कि यह सीजफायर 11.30 बजे से शुरू होगा जो मानवीय आधार पर किया गया है, ताकि आम नागरिकों को निकलने का मौका दिया जा सके।

रूस के रक्षा मंत्रालय ने एक बयान जारी करके कहा, ‘आज 5 मार्च को मास्‍को के समयानुसार 10 बजे सुबह से रूसी पक्ष एक सीजफायर करने जा रहा है। रूस मारियोपोल और वोल्‍वोनोखा में मानवीय कॉरिडोर खोलने जा रहा है।’

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