टेक्नोलॉजी बेस्ड स्टार्टअप्स के साथ मोदी सरकार, कहा- ये आत्मनिर्भर भारत के लिए जरूरी कदम

नई दिल्ली। बुधवार को वेबिनार के जरिए एक बार फिर देश के प्रधानमंत्री देश की जनता से मुखातिब हुए। उन्होंने जनता को संबोधित करते हुए आज यह बताने का प्रयास किया कि देश की तरक्की और विकास के लिए तकनीकि और प्रौद्योगिकी का कितना अहम योगदान है। इसी बात पर जोर देते हुए उन्होंने देश में नए टेक्नोलॉजी बेस्ड स्टार्टअप्स को बढ़ावा देने की बात कही।

खबरों के मुताबिक़ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि हमारी सरकार स्टार्टअप्स के साथ पूरी मजबूती से खड़ी है। पीएम मोदी ने प्रौद्योगिकी आधारित विकास का जिक्र करते हुए कहा कि तकनीक ही देश को आत्मनिर्भर बनाती है।

उन्होंने कहा कि हमारी सरकार के साइंस एंड टेक्नॉलोजी सिर्फ आइसोलेटेड सेक्टर नहीं है। आज इकोनॉमी के क्षेत्र में हमारा विजन डिजिटल इकोनॉमी और फिनटेक जैसे आधार से जुड़ा है। इंफ्रास्ट्रक्चर के फील्ड में हमारा डेवलपमेंट विजन एडवांस टेक्नॉलोजी पर बेस्ड है।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा, हमारे लिए तकनीक देश के सामान्य से सामान्य नागरिक को सशक्त करने का माध्यम है। हमारे लिए तकनीक देश को आत्मनिर्भर बनाने का प्रमुख आधार है।

उन्होंने कहा कि यही वजह है कि इस बार हमारे बजट में सनराइज सेक्टर्स पर खास जोर दिया गया है। आर्टिफिशल इंटेलिजेंस, जियो स्पेशल सिस्टम, ड्रोन से लेकर सेमी कंडक्टर और स्पेस तकनीक तक। साथ ही क्लीन टेक्नोलॉजी से लेकर 5जी तक, ये सभी सेक्टर्स आज देश की प्राथमिकता हैं।

पीएम ने आगे कहा, फिनटेक संबंध में भी भारत ने कमाल किया है। लोग मानते थे कि हमारा देश इस क्षेत्र में कैसे आगे बढ़ेगा, लेकिन मोबाइल फोन से फाइनेंशियल एक्टिविटी में हमारे गांव भी जुड़ रहे हैं, इसका मतलब है कि फिनटेक में भी ज्यादा से ज्यादा अधुनिक तकनीक का समावेश आज आवश्यक है।

उन्होंने कहा कि आज भारत के पास दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा और तेजी से आगे बढ़ता स्टार्टअप ईको-सिस्टम है। मैं हमारे स्टार्टअप्स को भरोसा देता हूं कि सरकार उनके साथ पूरी शक्ति के साथ खड़ी है। बजट में युवाओं की स्किलिंग, रि-स्किलिंग और अप-स्किलिंग के लिए पोर्टल का प्रावधान भी रखा गया है।

पीएम मोदी ने कहा, आज हम तेजी से घरों का निर्माण कर रहे हैं, रेल, रोड, वॉटर वे और ऑप्टिकल फाइबर पर भी अभूतपूर्व निवेश हो रहा है। इसमें और गति लाने के लिए पीएम गतिशक्ति के विजन के साथ हम आगे बढ़ रहे हैं। इस विजन को तकनीक से कैसे मदद मिल सकती है, इस पर हमें काम करना होगा।

उन्होंने कहा कि आज मेडिकल साइंस भी करीब-करीब टेक्नोलॉजी पर आधारित हो गया है। ज्यादा से ज्यादा मेडिकल उपकरणों का निर्माण भारत में हो और भारत की जरूरत को ध्यान में रखकर हो, इस पर भी हमें ध्यान देना है।

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