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लखनऊ24 की ओर से सभी को हिंदी दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं

लखनऊ | 14 सितम्बर

मानस भवन में आर्यजन जिसकी उतरे आरती

भगवान् ! भारतवर्ष में गूंजे हमारी।

मैथिलीशरण गुप्त

हिंदी है तो हम हैं

किसी भी राष्ट्र, संस्कृति, परंपरा आदि की पहचान उसकी भाषा से होती है। हमारे भारतवर्ष की पहचान भी सर्वांगसुंदर हिंदी भाषा है। विश्व में अपनी जननी संस्कृत भाषा के बाद हिंदी भाषा ही सबसे कठिन भाषा है। हर शब्द में स्पष्टता और सुगम्यता मौजूद होती है।

विश्व विदित अंग्रेजी भाषा में भी सिर्फ 26 अल्फाबेट पाए जाते हैं लेकिन हिंदी में वर्ण व्यवस्था के अनुसार 12 स्वर और 41 व्यंजन होते हैं। लेखन के आधार पर 57 वर्ण होते हैं इसमें 12 स्वर , 41 व्यंजन तथा 4 संयुक्त व्यंजन होते हैं। हिंदी भाषा ही हिंदुस्तान की पहचान है।

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भाषा का अपमान अर्थात राष्ट्र का पतन

अंग्रेजी और हिंगलिश के प्रचलन से हिंदी भाषा का पतन होता जा रहा है। न सिर्फ इतना बल्कि हिंदी भाषा के प्रति लोगों ने हीन धरना बना रखी है। स्वदेशी ही हिंदी भाषा के प्रयोग करने से खुद को और दूसरों को कम पढ़ा-लिखा समझते हैं। बच्चों को भी Fish की जगह मछली बोलने पर डांट पड़ती है।

जब हम आने वाली पीढ़ी के नज़रिये में ही हिंदी को पिछड़ा हुआ साबित करने में लगे रहेंगे तो ऐसे में वो दिन दूर नहीं की हिंदुस्तानियों को अपनी ही मातृभाषा न याद रहे। अंततः भाषा विचारों के आदान-प्रदान का माध्यम है, न की किसी व्यक्ति के सभ्य या पढ़े-लिखे होने का साक्ष्य।

AUTHOR – SHRADHA TIWARI

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