लाउडस्पीकर विवाद : यूपी की तरह दिल्ली में भी होगा असर? बीजेपी ने उठाया ये बड़ा कदम

नई दिल्ली। महाराष्ट्र से शुरू हुए लाउडस्पीकर विवाद मामले में केंद्र सरकार अब किसी भी राज्य में किसी भी तरह की कोई भी ढिलाई नहीं बरतना चाहती है। यही वजह है कि अब यूपी में त्वरित कार्रवाई के बाद अब दिल्ली में भी धार्मिक स्थलों से लाउडस्पीकर हटवाने की मुहीम तेज हो चली है। इस बाबत भाजपा की ओर से पत्र लिखकर यूपी सरकार की तर्ज पर उन धार्मिक स्थलों से लाउडस्पीकर हटाने या आवाज नियंत्रित करने की कार्रवाई की मांग की है, जो इस संबंध में उच्चतम न्यायालय के आदेशों का उल्लंघन कर रहे हैं।

बता दें, उत्तर प्रदेश में धार्मिक स्थलों पर अवैध रूप से लगाए गए करीब 54 हजार लाउडस्पीकर अब तक हटाए गए हैं, जबकि करीब 60 हजार लाउडस्पीकरों की आवाज धीमी की गई है। प्रदेश में धार्मिक स्थलों पर लगाए गए अवैध लाउडस्पीकर हटाने तथा अन्य लाउडस्पीकर की आवाज को निर्धारित सीमा तक सीमित करने का अभियान पिछली 25 अप्रैल को शुरू हुआ था।

खबरों के मुताबिक़ दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष आदेश गुप्ता ने कहा कि दिल्ली में ध्वनि प्रदूषण चरम पर पहुंच गया है। कई राज्यों ने धार्मिक स्थलों से लाउडस्पीकर हटाने का निर्णय लिया है और जनता ने इसका स्वागत किया है। इससे छात्रों और बीमार लोगों को परेशानी होती है।

उन्होंने कहा कि कल हमने दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल को एक पत्र लिखकर सुप्रीम कोर्ट के दिशानिर्देशों के अनुसार धार्मिक स्थलों से लाउडस्पीकर हटाने का अनुरोध किया। यहां तक कि बॉम्बे हाई कोर्ट भी कहता है कि लाउडस्पीकर किसी धर्म का हिस्सा नहीं है।

इसके अलावा भाजपा सांसद प्रवेश साहिब सिंह वर्मा ने भी दिल्ली के उपराज्यपाल अनिल बैजल और नगर निगमों को पत्र लिखकर उत्तर प्रदेश सरकार की तर्ज पर उन धार्मिक स्थलों से लाउडस्पीकर हटाने या आवाज नियंत्रित करने की कार्रवाई की मांग की है, जो इस संबंध में उच्चतम न्यायालय के आदेशों का उल्लंघन कर रहे हैं। वर्मा ने पत्र में दावा किया, ‘उच्च न्यायालय के आदेशों के अनुसार सभी धार्मिक स्थलों पर प्रदर्शित सभी लाउडस्पीकर को या तो हटा दिया जाना चाहिए या आवाज को सीमित कर दिया जाना चाहिए ताकि शांति भंग ना हो और आवाज भवन के अंदर ही सुनाई दे। विशेष रूप से अध्ययनरत बच्चों और गंभीर रूप से बीमार रोगियों तथा आसपास रहने वाले लोगों की शांति ना भंग हो।’

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