अखिलेश के ‘फ्री बिजली’ बयान पर केपी मौर्य का पलटवार, कहा- झूठ बोलने की आटोमैटिक मशीन

लखनऊ। यूपी के सियासी दंगल में घमासान जारी है। जहां एक और मुलायम सिंह की छोटी बहू के भाजपा में शामिल होने पर केशव प्रसाद मौर्य ने पार्टी में उनका स्वागत करते हुए सपा को निशाने पर लिया। वहीं दूसरी और बुधवार को ही उप मुख्यमंत्री ने अखिलेश यादव एक ट्वीट के माध्यम से भी सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव को घेरने का प्रयास किया।

बता दें, केशव प्रसाद मौर्य ने अपने ट्वीट के माध्यम से अखिलेश को उस बात पर निशाने पर लिया, जिसमें अखिलेश ने चुनाव जीतने के बाद प्रदेश को 300 यूनिट मुफ्त बिजली देने की बात कही थी।

खबरों के मुताबिक़ अखिलेश यादव के फ्री बिजली देने के वादे पर कटाक्ष करते हुए केशव प्रसाद मौर्या ने कहा कि सपा मुखिया अखिलेश यादव जी झूठ बोलने की आटोमैटिक मशीन बन गए हैं, जिनके शासन में बिजली, खंभे, ट्रांसफॉर्मर सब ग़ायब था। वह फ़्री बिजली देने का सफ़ेद झूठ बोल रहे हैं। जनता सपा के झूठे वादों का मज़ाक़ उड़ाते हुए ठहाका लगा रही है।

बता दें कि मंगलवार को अखिलेश यादव ने ऐलान किया था कि उत्तर प्रदेश की जनता को 300 यूनिट बिजली मुफ्त दी जाएगी।

वहीं दूसरी ओर यह भी माना जा रहा है कि विपक्ष का मुकाबला करने के लिए उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य का पार्टी में कद बढ़ रहा है। पिछले चुनाव 2017 में उनके नेतृत्व में पार्टी ने शानदार जीत दर्ज की थी।

मौर्य को हाल ही में केंद्रीय मंत्री और भाजपा के यूपी चुनाव प्रभारी धर्मेंद्र प्रधान ने आदित्यनाथ के बाद राज्य का चुनाव लड़ने के लिए “दूसरे बड़े नेता” के रूप में महत्व दिया था।

खास तौर पर कई ओबीसी नेताओं के पार्टी छोड़ने के बाद केशव प्रसाद मौर्य का कद तेजी से बढ़ा है। वह सिराथू (कौशांबी) से चुनाव लड़ेंगे, जिस सीट से उन्होंने 2012 में पहली बार भाजपा के लिए जीत हासिल की थी।

जानकारों की मानें तो कुशवाहा समुदाय से ताल्लुक रखने वाले मौर्य एक बार फिर भाजपा की आजमाई हुई हिंदुत्व कथा को गैर-यादव ओबीसी समुदाय के एकीकरण के साथ मिलाने की रणनीति में सबसे आगे हैं।

विशेषज्ञ बताते हैं कि पार्टी के प्रमुख सदस्यों के दलबदल पर प्रतिक्रिया देने से लेकर अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण और काशी विश्वनाथ धाम वाराणसी के विकास के बाद भाजपा के विकास के एजेंडे में मथुरा का उल्लेख करने जैसी गतिविधियों से मौर्य पार्टी के केंद्रीय बिंदू पर आ गए।

कभी आरएसएस की धार्मिक शाखा विश्व हिंदू परिषद के प्रमुख पदाधिकारी रहे मौर्य ने पिछले महीने से अपनी तैयारियां शुरू कर दी थी, जब उन्होंने सपा प्रमुख अखिलेश यादव के खिलाफ एक आक्रामक अभियान शुरू करते हुए उन्हें “अखिलेश अली जिन्ना” कहा। बता दें, उनका यह बयान तब आया जब पाकिस्तान के संस्थापक और मुस्लिम लीग के नेता मोहम्मद अली जिन्ना की महात्मा गांधी और सरदार वल्लभ भाई पटेल के साथ तुलना करने वाली अखिलेश की टिप्पणी आई।

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