जानिए क्या है वजह? …जो MLC चुनावों से पहले ही तीन भाजपा उमीदवारों की जीत हुई पक्की

लखनऊ। यूपी विधानसभा चुनावों में धाकड़ जीत के बाद हो रहे विधान परिषद के चुनावों में भी भाजपा का पलड़ा ही भारी नजर आ रहा है। बताया जा रहा है कि चुनावों के पूर्व ही भाजपा के तीन उम्मीदवार यूपी विधान परिषद के पहले चरण में निर्विरोध निर्वाचित होते नजर आ रहे हैं। वजह यह है कि एटा-मैनपुरी-मथुरा की दोनों सीटों पर सपा उम्मीद्वारों के पर्चे कुछ खामियों के चलते खारिज हो गए। वहीं बुलंदशहर सीट पर सपा गठबंधन की उम्मीद्वार सुनीता शर्मा ने नाम वापसी की तारीख से पहले ही डीएम को हलफनामा देकर नाम वापस लेने की घोषणा कर दी है।

खबरों के मुताबिक़ एमएलसी के लिए हो रहे चुनाव में पहले चरण के नामांकन में 139 उम्मीद्वारों ने नामांकन किया था। जिसमें 34 उम्मीद्वारों का नामांकन खामियों के चलते निरस्त हो गया। इसमें समाजवादी पार्टी के तीन उम्मीद्वार शामिल हैं। एटा-मैनपुरी-मथुरा निर्वाचन क्षेत्र से दो सदस्य चुने जाते हैं। एक सीट के लिए सपा के उदयवीर सिंह और भाजपा के आशीष यादव और सुभाष पार्टी के अनुज कुमार ने नामांकन किया था। जबकि दूसरे सदस्य पद के लिए सपा के राकेश सिंह यादव और भाजपा के ओमप्रकाश सिंह ने नामांकन दाखिल किया था।

नामांकन पत्र के साथ दिए गए शपथ पत्र में कुछ खामियों के चलते सपा के दोनों प्रत्याशियों ने मंगलवार सुबह रिटर्निंग अधिकारी डीएम को अनुपूरक शपथ पत्र दिए। इसके बाद भी समीक्षा में दोनों प्रत्याशियों के शपथ पत्र में तीन कॉलम अपूर्ण पाए गए।

वहीं अनुज कुमार के नामांकन पत्र में दस्तावेज पूरे नहीं थे। इस पर इन तीनों नामांकन पत्रों को रिटर्निंग अधिकारी ने अस्वीकृत कर दिया। इसके बाद भाजपा के आशीष यादव और ओम प्रकाश सिंह का निर्विरोध चुना जाना तय हो गया है।

इसके अलावा बुलंदशहर सीट पर भी भाजपा प्रत्याशी का निर्विरोध निर्वाचित होना तय हो गया है। इस सीट पर गठबंधन उम्मीद्वार सुनीता शर्मा ने नाटकीय घटना क्रम के बाद डीएम को हलफनामा देकर नाम वापसी की तारीख से पहले ही नाम वापस लेने की घोषणा कर दी। जिसके बाद इस सीट पर भाजपा उम्मीदवार नरेंद्र भाटी का निर्विरोध चुना जाना तय हो गया है। इसकी आधिकारिक घोषणा 24 मार्च को की जाएगी।

वहीं लखीमपुर खीरी सीट के लिए भी सपा के प्रत्याशी अनुराग वर्मा का नामांकन खारिज हो गया है। अब यहां भाजपा के अनूप गुप्ता और दूसरे निर्दल उम्मीद्वार नर सिंह के बीच मुकाबला होगा। इसके अलावा विधान परिषद की चार सीटें ऐसी हैं, जिस पर छह-छह उम्मीद्वार मैदान में हैं। इसमें रामपुर-बरेली, प्रतापगढ़, आगरा-फिरोजाबाद और मेरठ-गाजियाबाद सीट है। इसके अलावा सात सीटें ऐसी हैं जहां दो-दो उम्मीदवार मैदान में हैं। इसमें खीरी के अलावा बदायूं, हरदोई, लखनऊ-उन्नाव, मिर्जापुर-सोनभद्र, बुलंदशहर और अलीगढ़ की सीट शामिल है। अलीगढ़ में नामांकन पत्रों की जांच अभी नहीं हो सकी है।

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