हिंसा की आग में झुलसा करौली… दूसरे दिन भी कर्फ्यू जारी, चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल तैनात

नई दिल्ली। बीते दिन यानी हिन्दू नव वर्ष के मौके पर राजस्थान के करौली में जो हिंसा का माहौल पनपा, उसने राजस्थान सरकार की चिंता बढ़ा दी है। चिंता इस बात कि, इस हिंसा का मुख्य उद्देश्य क्या था? वजह क्या थी और किन स्थितियों में मौके पर हालत बिगड़े? खैर इन सब सवालों के जवाब तो राजस्थान की गहलोत सरकार ढूढ़ ही रही है। फिर भी मौके पर बने हालातों को काबू में करने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने करौली में कर्फ्यू लगा दिया है, जो आज भी जारी है।

करौली में नाकाबंदी कर दी गई है। सभी को इस बात का संदेश दे दिया गया है कि किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए बेहतर है, सभी अपने-अपने घरों में ही रहे।

खबरों के मुताबिक़ राजस्थान के करौली शहर में आज भी कर्फ्यू लगा है। यहां पर शनिवार को मोटरसाइकिल रैली पर पत्थरबाजी के बाद साम्प्रदायिक हिंसा भड़क उठी। इस हिंसा में 35 लोग घायल हुए हैं।

बता दें, शनिवार को यहां कुछ लोगों ने हिन्दू नव वर्ष के मौके पर नव संवत्सर बाइक रैली निकाली थी। इस रैली पर पत्थरबाजी के बाद हिंसा भड़क उठी।

राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा है कि इस मामले में जो भी लोग दोषी हैं उनके खिलाफ पुलिस कड़ी कार्रवाई करेगी। उन्होंने कहा है कि कुछ असामाजिक तत्व माहौल खराब कर रहे हैं उनके खिलाफ पुलिस कड़ी कार्रवाई करेगी। सीएम ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है।

करौली पुलिस के अनुसार नव संवत्सर को मनाने के लिए बाइक रैली मुस्लिम बहुल इलाके से गुजर रही थी तभी कुछ लोगों ने पथराव कर दिया। देखते ही देखते हिंसा बढ़ गई। उपद्रवियों ने कुछ दुकानें जला दी और एक बाइक को भी जला दिया गया। कई दूसरी बाइक को तोड़फोड़ दिया गया।

रैली पर पथराव के बाद भड़की हिंसा को लेकर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा है कि उन्होंने इस मामले में तुरंत डीजीपी और पुलिस प्रशासन से बातचीत की है। इस मामले में जो भी लोग दोषी है उनके खिलाफ पुलिस कड़ी कार्रवाई करेगी।

सीएम ने कहा है कि राजस्थान में हमेशा से यह परंपरा रही है या हिंदू मुस्लिम सिख इसाई आपस में मिल जुल कर रहते हैं। पुलिस तो अपना काम कर ही रही है लेकिन वहां के समाज के बड़े बुजुर्गों को भी शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए आगे आना चाहिए।

CM गहलोत ने कहा कि कुछ नॉन सीरियस लोग होते हैं जो कि पूरे समाज को बदनाम करते हैं। साथ ही माहौल को खराब करते हैं मैंने ऐसे लोगों के कड़ी से कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दे दिए हैं। मैं करौली की जनता से शांति बनाए रखने की अपील करता हूं।

बताया जा रहा है कि पत्थरबाजी के बाद करौली में इंटरनेट सेवा बंद कर दी गई है। मौके पर बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी तैनात हैं। भरतपुर आईजी पीके खमेसरा करौली पहुंच चुके हैं। इसके अलावा दो आईपीएस राहुल प्रकाश और मृदुल कच्छावा भी करौली पहुंच रहे हैं। शहर में कर्फ्यू लगा दिया गया है। शहर की लाइट व्यवस्था भी रात को बंद की गई थी। हालात पर काबू पाने के लिए जिला पुलिस अधीक्षक शैलेंद्र सिंह, जिला कलेक्टर राजेंद्र सिंह शेखावत स्थिति पर नजर बनाए रखे हैं।

पुलिस के अनुसार डीएसपी और इंस्पेक्टर रैंक के 50 अधिकारियों समेत 600 पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है। और चार आईपीएस अधिकारियों को जयपुर से करौली भेजा गया है।

जिला पुलिस अधीक्षक शैलेंद्र सिंह ने सभी शहर वासियों से अपील की है कि शहर में कर्फ्यू लगा दिया गया है। कोई भी घर से नहीं निकले। किसी भी तरह की कोई अप्रिय घटना हो इसके लिए कंट्रोल रूम के नंबर जारी किए गए हैं, घटना की गंभीरता को देखते हुए मौके पर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। राजस्थान के एडीजी लॉ एंड ऑर्डर हवा सिंह घुमारिया ने कहा है कि अबतक इस मामले में 36 लोग हिरासत में लिए गए हैं और अब स्थिति कंट्रोल में है। राजस्थान पुलिस ने कहा कि करौली में अफवाह को रोकने के लिए मोबाइल इंटरनेट को बंद कर दिया गया है और असामाजिक तत्वों पर कड़ी नजर रखी जा रही है। जयपुर से 170 किलोमीटर दूर स्थित करौली की स्थिति पर प्रशासनिक अमला लगातार नजर बनाए हुए हैं।

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