राष्ट्र के नाम जेपी नड्डा का खुला खत, बोले- विनाश नहीं… विकास चाहता है देश का युवा

नई दिल्ली। सोमवार को भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने राष्ट्र के नाम एक पत्र लिखकर ट्वीट किया। इस पत्र में उन्होंने उन तमाम मुद्दों को इंगित किया, जो इन दिनों देश का माहौल बिगाड़ रहे हैं। इसमें उन्होंने हनुमान जयंती के दिन हुई जहांगीरपुरी की हिंसक घटना से लेकर विपक्षी पार्टियों को भी शामिल किया, जो सामजिक मुद्दों की ओट में सियासी रोटियां सेंकने की कवायद में लगी रहती हैं।

खबरों के मुताबिक़ दिल्ली के जहांगीरपुरी में हुई हिंसक घटना को लेकर विपक्ष के आरोपों के बीच भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा ने देश की जनता के नाम एक खुला खत लिखा है। उन्होंने इस खत में कांग्रेस पर निशाना साधा है और देश की सबसे पुरानी पार्टी से कई सवाल किए हैं। बीजेपी अध्यक्ष ने देश की जनता से पूछा है कि स्वतंत्रता के 100 वर्ष पूरे होने पर, उन्हें 2047 में किस तरह का भारत चाहिए।

भाजपा अध्यक्ष ने अपने खत में लिखा कि विपक्ष को आत्ममंथन करना चाहिए कि इतने दशकों तक देश पर शासन करने वाली पार्टियां अब इतिहास के हाशिये पर क्यों सिमट कर रह गई हैं। जेपी नड्डा ने देश की जनता से सवाल भी किया है कि आखिर उन्हें 2047 में किस तरह का भारत चाहिए?

बीजेपी अध्यक्ष ने लोगों से आगे की सोच और 2047 में भारत के लिए योजना बनाने का आग्रह किया है। उन्होंने खत में लिखा है कि, जब हम 2047 में स्वतंत्रता के 100 वर्ष पूरे करेंगे तो देश कैसा होगा? राष्ट्र निर्माण की प्रक्रिया में देश के युवाओं के सक्रिय योगदान की जरूरत है।

जेपी नड्डा ने देश के नाम अपने खत में कांग्रेस राज के दौरान हुए सांप्रदायिक दंगों की याद दिलाई है। उन्होंने सवाल पूछा है कि रामनवमी के मौके पर राजस्थान के करौली में हुई हिंसा पर कांग्रेस शांत क्यों है? उन्होंने विभिन्न राज्यों में हो रहे सांप्रदायिक घटनाओं पर अपनी बात कही है।

उन्होंने खत में बंगाल और केरल का जिक्र करते हुए लिखा है कि इन राज्यों में बीजेपी कार्यक्रताओं की हत्याएं हो रही हैं। महाराष्ट्र में 2 कैबिनेट मंत्री जेल में हैं। लेकिन कांग्रेस इस मामले में पूरी तरह चुप है क्यों है?

अपने पत्र में जेपी नड्डा ने लिखा है कि देश के युवा अवसर चाहते हैं, बाधाएं नहीं। इसके साथ ही उन्होंने विपक्षी दलों से भी अनुरोध किया कि वे विकास की राजनीति करें, ना कि बदले और नफरत की राजनीति।

जेपी नड्डा ने लिखा है, वोटबैंक की राजनीति के लिए दशकों से असामाजिक तत्वों के साथ समझौता किया जाता रहा है। पांच राज्य में हुए विधानसभा चुनाव के नतीजों ने वौटबैंक की राजनीति करने वालों की आंखें खोल दी हैं। भारत का युवा विकास चाहता है विनाश नहीं।

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