झारखंड : जिन्दगी और मौत के बीच हवा में झूल रहे 48 लोग, बचाव के सभी प्रयास हो रहे फेल

नई दिल्ली। बीते दिन यानी रविवार को झारखंड के देवघर जिले में स्थित बाबा बैद्यनाथ मंदिर के पास त्रिकूट पहाड़ियों पर एक बड़ा हादसा हुआ। बताया जा रहा है कि अचानक से कुछ तकनीकी खराबी के कारण यहां पहाड़ियों पर चलने वाली केबल कारें अचानक से आपस में टकरा गई, जिसमें एक पर्यटक की मौत हो गई। वहीं कई अन्य लोगों के घायल होने की बात सामने आई। इसके अलावा बड़ी बात ये है कि अभी भी हवा में झूल रही इन केबल कारों में सवार पर्यटकों को जमीन पर लाया नहीं जा सकता है। जानकारी के मुताबिक़ अभी भी करीब 48 लोग हवा में झूल रहे हैं, जिन्हें रेस्क्यू करने का प्रयास किया जा रहा है।

खबरों के मुताबिक़ झारखंड के सबसे ऊंचे रोपवे पर हुए हादसे में अभी भी अलग-अलग करीब 18 ट्रालियों में 48 लोग फंसे हुए हैं। लोगों को निकालने के लिए एनडीआरएफ की टीम रेस्क्यू ऑपरेशन चला रही है। मदद के लिए सेना भी बुलाई गई है, लेकिन अभी तक लोगों को सुरक्षित वापस लाया नहीं जा सका है।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, रोपवे में कम से कम 12 केबिन में 50 लोग अभी भी में फंसे हुए हैं और बचाव अभियान जारी है। हादसे के करीब 20 घंटे बीतने के बाद अभी भी 48 से ज्यादा लोग हवा में लटके हुए हैं। जैसे ही सेना का हेलिकॉप्टर इन लोगों को रेस्क्यू करने पहुंच रहा है तो हेलिकॉप्टर की पंखे की तेज हवा के कारण ट्राली हिलने लग रही हैं और उनमें सवार लोगों की जान पर बन आ रही है।

आलम ये है कि ऊपर फंसे लोगों को ड्रोन के माध्यम से खाना और पानी दिया जा रहा है। ट्रालियां में छोटे बच्चे, पुरूष और कुछ महिलाएं फंसी हैं। इसके साथ ही गाइड और फोटोग्राफर भी फंसे हैं।

बता दें, झारखंड के देवघर में त्रिकूट पहाड़ पर रामनवमी को लेकर पूजा करने और घूमने के लिए सैकड़ों की संख्या में पर्यटक पहुंचे थे। यहां राहत बचाव ऑपरेशन में 2 हेलिकॉप्टर लगाए गए हैं। केबिन जमीन से करीब 2500 फीट की ऊंचाई पर है। लिहाजा ऑपरेशन शुरू करने से पहले सुरक्षा के पुख्ता इंतजार किए जा रहे हैं।

झारखंड के पर्यटन मंत्री हफीजुल हसन ने कहा कि रोप-वे का संचालन कर रही दामोदर वैली कार्पोरेशन को ब्लैक लिस्टेड किया जाएगा। वहीं एक अधिकारी ने कहा कि प्रथमदृष्टया ऐसा लगता है कि यह घटना तकनीकी खराबी के कारण हुई, जिसके परिणामस्वरूप केबल कारों की टक्कर हुई। हालांकि हादसे के सटीक कारण का अभी पता नहीं चल पाया है।

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