प्रेशर पॉलिटिक्स का दांव खेल रही JDU, कहा- नहीं बनी BJP से बात तो अकेले संभालेगी ‘यूपी का मैदान’

लखनऊ। यूपी के चुनावों से ठीक पहले उत्तर प्रदेश के बदलते चुनावी परिवेश और खींचतान के घटनाक्रमों ने इन दिनों सियासी गलियारों में काफी हलचल मचा दी है। आलम यह है कि अब विपक्षी दलों के साथ ही भाजपा को यूपी में अपने ही सहयोगियों से भी काफी गतिरोध झेलना पड़ रहा है। बीते दिनों कई बागी हुए विधायकों और मंत्रियों के दलबदल का खेल खेलने के बाद भले ही भाजपा ने सपा और कांग्रेस के कई दिग्गज नेताओं को अपने पाले में कर लिया हो, लेकिन मामला यहीं पर नहीं थम रहा है।

अभी इस मामले में और भी उठापटक और खींचतान होनी बाकी है। ताजा खबर यह है कि अब इस मामले में जेडीयू भी शामिल हो चला है, जो दबाव की राजनीति करने की कोशिश में है। यही वजह है कि नीतीश कुमार भी अब भाजपा के लिए बड़ा दर्द बनते नजर आ रहे हैं।

खबरों के मुताबिक़ पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन सिंह बुधवार को दिल्ली में उत्तर प्रदेश यूनिट के साथ बैठक की। इसमें यूपी की 51 सीटों पर उम्मीदवारों के नाम दिए गए हैं।

बता दें, उत्तर प्रदेश चुनाव के आगाज के साथ ही नीतीश कुमार की पार्टी ने आरसीपी सिंह को बीजेपी के साथ गठबंधन करने के लिए अधिकृत किया था। लेकिन बीजेपी ने जदयू को अब तक बिल्कुल भी भाव नहीं दिया। ऐसे में ललन सिंह ने बीजेपी पर दबाव बनाने की कोशिश कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में गठबंधन को लेकर कोई फैसला नहीं होता है तो जदयू अकेले ही चुनाव मैदान में उतरेगी। उन्होंने कहा है कि 51 उम्मीदवारों की सूची पार्टी की यूपी इकाई ने दी है। बीजेपी के साथ भी गठबंधन की बातचीत चल रही है।

जल्द फैसला लिया जाएगा। बैठक में पार्टी के वरिष्ठ नेता और केंद्रीय मंत्री आरसीपी सिंह भी मौजूद थे। बीजेपी के साथ गठबंधन पर सहमति बनाने की जिम्मेदारी उन्हें ही दी गई है। जदयू अभी भी इस कोशिश में लगी है कि किसी भी तरह से भाजपा के साथ गठबंधन हो जाए।

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