जहांगीरपुरी हिंसा : मुख्य आरोपी अंसार-असलम की कोर्ट में पेशी, पुलिस करेगी कस्टडी बढ़ाने की मांग

नई दिल्ली। हनुमान जयंती के दिन दिल्ली के जहांगीरपुरी में हुई हिंसा ने देश की राजधानी का माहौल इस कदर बिगाड़ दिया है कि शासन और प्रशासन दोनों ही टेंशन में हैं। स्थिति को नियंत्रण में लाने की भरसक कोशिश की जा रही है। आलम ये हैं कि पुलिस ने चप्पे-चप्पे पर कड़ी सुरक्षा के इंतजाम किए हैं। इसके अलावा घटना के कारण संवेदनशील हुए इलाकों में ड्रोन से नजर रखी जा रही है और पैदल गश्त भी बधा दी गई है। वहीं खबर ये भी है कि आज यानी सोमवार को इस घटना के मुख्य आरोपियों अंसार और असलम को आज दोपहर बाद कोर्ट में पेशी के लिए ले जाया जाएगा। ऐसे में पुलिस ने इन दोनों की कस्टडी बढ़ाने की मांग करेगी। वहीं दूसरी ओर इस घटना को लेकर राजनीतिक गलियारों में भी हलचल तेज है और आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला जारी है।

खबरों के मुताबिक़ जामिया नगर, जामा मस्जिद, संगम विहार, चांदनी महल, जसोला, हौज कासी सहित तमाम जगहों पर ड्रोन और पैदल गश्त की जा रही है। साथ ही उत्तरी-पूर्वी दिल्ली में भी गश्त बढ़ा दी गई है जहां 2020 में साम्प्रदायिक दंगे हुए थे।

उत्तर-पश्चिम दिल्ली की पुलिस उपायुक्त (डीसीसी) ऊषा रंगनानी ने जहांगीरपुरी, महेंद्र पार्क और आदर्श नगर की अमन समितियों के सदस्यों की एक बैठक बुलाई थी ताकि इलाके में शांति बनी रहे। रंगनानी ने कहा कि बैठक के दौरान सभी सदस्यों से कहा गया कि वे अपने इलाकों में शांति, अमन और सद्भाव बनाए रखने के लिए जनता से अपील करें। जहांगीरपुरी इलाके में स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है। इलाके में पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया है।

बता दें, जहांगीरपुरी इलाके में हनुमान जयंती के दिन जुलूस के दौरान हुई हिंसा में नौ पुलिसकर्मियों सहित कई लोगों के घायल होने के बाद यह कदम उठाए गए हैं। हनुमान जयंती के अवसर पर निकाली गई एक शोभायात्रा के दौरान हुई झड़प के एक दिन बाद दिल्ली पुलिस ने रविवार को अमन समितियों के सदस्यों के साथ बैठक की। इस दौरान पुलिस ने उनसे कहा कि वे अपने-अपने इलाकों में शांति बनाए रखने की लोगों से अपील करें।अधिकारियों ने यह जानकारी दी।

आदर्श नगर की भाजपा पार्षद गरिमा गुप्ता ने दावा किया कि उन्होंने बैठक के दौरान इलाके में गैर कानूनी तरीके से रह रहे बांग्लादेशियों का मुद्दा उठाया था, लेकिन उन्हें इसकी अनुमति नहीं दी गई।

उन्होंने दावा किया कि, ‘बैठक में मैंने कहा कि यह समस्या इलाके में गैर कानूनी तरीके से रह रहे बांग्लादेशियों की वजह से है और वे हथियार भी रखते हैं। लेकिन बैठक में मौजूद पुलिस अधिकारी ने दावा किया कि मैं मुद्दे को भटका रही हूं।’ गुप्ता ने कहा कि इस तरह की बैठक का क्या उद्देश्य है जब ‘‘वास्तविक’’मुद्दों को ही नहीं उठाया जा सके। पुलिस ने बताया कि दो समुदायों के बीच हुई झड़प के दौरान पथराव और आगज़नी की गई थी, जिसमें आठ पुलिस कर्मी और एक स्थानीय व्यक्ति घायल हो गया था। कुछ गाड़ियों को भी आग लगा दी गई थी।

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