हिजाब मामले पर ट्वीट कर चौतरफा घिरे शशि थरूर… दूतावास ने दी हिदायत, कहा-शर्मनाक

नई दिल्ली। देश में हिजाब विवाद थमने का नाम ही नहीं ले रहा है। हर दिन इस मामले को लेकर सोशल मीडिया पर वीडियो-फोटोज वायरल हो रहे हैं। लेकिन इस बीच कांग्रेस सांसद शशि थरूर के ट्वीट से बवाल मचा दिया है।

उन्होंने हिजाब के इस मुद्दे पर एक पाकिस्तानी एजेंट के भारत विरोधी ट्वीट को रीट्वीट कर दिया है। कुवैत में भारतीय दूतावास ने इस पर कड़ी आपत्ति जताते हुए थरूर को जवाब दिया है। दूतावास ने अपने ट्वीट में कहा कि इस तरह के भारत विरोधी तत्वों को प्रोत्साहित नहीं करना चाहिए। इसके बाद में थरूर ने अपनी सफाई पेश की।

क्या था थरूर के रीट्वीट में

कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने उस ट्वीट को रीट्वीट किया था, जिसमें दावा किया गया है कि कुछ शक्तिशाली कुवैती सांसदों के एक समूह ने कुवैत की सरकार से भारत की सत्तारूढ़ पार्टी बीजेपी के किसी भी सदस्य के कुवैत में प्रवेश पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है। इस ट्वीट में आगे कहा गया है, ‘सांसदों ने कहा कि हम चुपचाप बैठकर मुस्लिम लड़कियों पर होते अत्याचार को नहीं देख सकते हैं। ये उम्मा के एकजुट होने का समय है’।

थरूर ने ये लिखा था ट्वीट में

थरूर ने विवादित ट्वीट को रीट्वीट करते हुए लिखा, ‘घरेलू घटनाओं के अंतरराष्ट्रीय प्रभाव होते हैं। मैंने खाड़ी के अपने दोस्तों से भारत में इस्लामोफोबिया के बढ़ने और इसकी निंदा करने के लिए प्रधानमंत्री की अनिच्छा के बारे में सुना है। ‘हमें भारत पसंद है लेकिन हमारे लिए अपना दोस्त बनना इतना कठिन मत बनाओ’। कुवैत स्थित भारतीय दूतावास ने शशि थरूर के रीट्वीट पर कड़ी आपत्ति जताते हुए उन्हें करार जवाब दिया है।

दूतावास ने जताया दुख, दी हिदायत

दूतावास ने लिखा है, ‘यह देखकर दुख हुआ कि भारतीय संसद के एक माननीय सदस्य पाकिस्तानी एजेंट के भारत-विरोधी ट्वीट को रीट्वीट कर रहे हैं, जिसे उसकी भारत विरोधी गतिविधियों के लिए शांति का राजदूत पुरस्कार मिला था। हमें इस तरह के भारत विरोधी तत्वों को प्रोत्साहित नहीं करना चाहिए’। भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने भी भारतीय दूतावास के ट्वीट को रीट्वीट किया है।

विवाद बढ़ता देख पेश की सफाई

विवाद बढ़ता देख कांग्रेस सांसद ने सफाई पेश की है। उन्होंने लिखा है, ‘मैं इस व्यक्ति का समर्थन नहीं करता, मैंने उसके बारे में कभी नहीं सुना। लेकिन मैं उसके द्वारा व्यक्त की गई से भावना से चिंतित हूं, जिसे भारत के कई दोस्तों ने शेयर किया है’। उधर, विदेश मंत्रालय ने कर्नाटक में जारी ड्रेस कोड विवाद को लेकर कुछ देशों की आलोचना पर स्पष्ट किया कि आंतरिक मामलों में बाहरियों की टिप्पणियां स्वीकार्य नहीं होंगी। अरिंदम बागची ने एक प्रेस कान्फ्रेंस में हिजाब विवाद से जुड़े एक सवाल पर कहा, ‘यह विदेश मंत्रालय का विषय नहीं है। हमारी कोई सीधी प्रतिक्रिया नहीं है। यह भारत का आंतरिक मामला है, इस पर किसी बाहरी व्यक्ति या किसी अन्य देश की कोई भी टिप्पणी स्वागत योग्य नहीं है’।

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