…तो इस वजह से क्रैश हुआ CDS विपिन रावत का हेलीकॉप्टर! जांच रिपोर्ट से हुआ खुलासा

नई दिल्ली। बीते महीने सीडीएस विपिन रावत के हेलीकॉप्टर क्रैश मामले की दुखद घटना सामने आने के बाद पूरा देश शोक में डूब गया था। इसके बाद सीडीएस विपिन रावत और उनकी पत्नी के साथ शाहीद हुए 12 जवानों की मौत वाले इस हादसे की जांच कर जल्द से जल्द रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए गए थे। वही जांच रिपोर्ट बीते दिन यानी बुधवार को सामने आई, जिसकी जानकारी एयर फोर्स ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को दी।

बता दें कि बीते महीने यानी 8 दिसंबर को तमिलनाडु में कुन्नूर के पास हेलिकॉप्टर दुर्घटना में जान गंवाने वाले 14 लोगों में जनरल रावत, उनकी पत्नी मधुलिका, उनके रक्षा सलाहकार ब्रिगेडियर एल एस लिद्दर, चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ के स्टाफ ऑफिसर लेफ्टिनेंट कर्नल हरजिंदर सिंह और ग्रुप कैप्टन वरुण सिंह शामिल थे।

खबरों के मुताबिक़ 8 दिसंबर 2021 को भारतीय वायु सेना (IAF) के Mi-17V5 हेलिकॉप्टर के दुर्घटनाग्रस्त होने संबंधित इस जांच रिपोर्ट में चॉपर क्रैश होने के पीछे खराब मौसम बताया गया है।

बता दें कि 5 जनवरी बुधवार को एयर फोर्स ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को इस रिपोर्ट की जानकारी दी।

रिपोर्ट में कहा गया है कि विंग कमांडर पृथ्वी सिंह चौहान हादसे के दिन एमआई-17V5 हेलिकॉप्टर के पायलट थे। उन्होंने क्रैश से ठीक 8 मिनट पहले कहा था कि वह हेलिकॉप्टर को लैंड करा रहे हैं।

पायलट हेलिकॉप्टर को काफी नीचे उड़ा रहे थे। जमीन से करीब 500-600 मीटर की ऊंचाई पर बादलों की मोटी परत थी और इसकी वजह से दृश्यता कम हो गई थी।

रिपोर्ट में रेलवे लाइन को फॉलो करते हुए विंग कमांडर पृथ्वी सिंह चौहान हेलिकॉप्टर को उड़ा रहे थे। उन्हें वेलिंग्टन में डिफेंस सर्विसेज स्टाफ कॉलेज लैंड करना था।

सीडीएस जनरल रावत को यहां लेक्चर देना था। चॉपर के क्रैश होने से 8 मिनट पहले तक आखिरी कम्युनिकेशन रिकॉर्ड किया गया था।

बताया जा रहा है कि रिपोर्ट में हेलिकॉप्टर में किसी तरह की गड़बड़ी होने की आशंका को खारिज किया गया है।

वहीं न्यूज एजेंसी एएनआई के मुताबिक़ जानकारी इस बात की भी हैं कि इस रिपोर्ट पर इंडियन एयरफोर्स ने करीब 45 मिनट का प्रेजेंटेशन देते हुए सीडीएस विपिन रावत के हेलीकॉप्टर क्रैश से संबंधित जांच रिपोर्ट को पेश किया। साथ ही भविष्य में सुरक्षा की दृष्टि से किसी भी वीआईपी को लेकर उड़ने वाले हेलीकॉप्टरों पर कुछ महत्पूर्ण सुझावों को भी एयरफोर्स ने प्रस्तुत किया।

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