बच्चों की मौत को लेकर बढ़ी फिक्र, दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री ने कही ये बड़ी बात

नई दिल्ली: देश में कोरोना के बढ़ते मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। जिसको लेकर लोगों में भय व्याप्त हो गया है। कोरोना के नए वेरिएंट ऑमिक्रोन के भी केस लगातार सामने आ रहे हैं। दिल्ली में शुक्रवार को कोरोना संक्रमण के 24383 मामले सामने आए थे। संक्रमण दर अब तक के उच्चतम स्तर पर 30% के पार पहुंच गई है। वहीं कोविड संक्रमण की वजह से 34 लोगों की मौत हो गई।

इस बीच दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने शुक्रवार को कहा कि कोरोना से संक्रमित जिन 7 बच्चों की मौत 9 जनवरी से 12 जनवरी के बीच हुई है, वे अन्य गंभीर बीमारियों से ग्रस्त थे।

दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि दिल्ली में मौजूदा लहर में कोरोना संक्रमण से मरने वालों में से 75 फीसद से अधिक को टीका नहीं लगा था। उन्होंने कहा कि संक्रमण दर भले बढ़ा है, लेकिन कुल मामलों में कमी आई है। वहीं अस्पताल में भर्ती होने वालों की दर भी स्थिर बनी हुई है।

दिल्ली स्वास्थ्य विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, जिन तीन बच्चों की उन चार दिनों के दौरान मौत हुई, उनमें कोरोना के साथ-साथ अन्य गंभीर बीमारियां भी थी। इन बच्चों में से एक को संक्रमित पाए जाने के एक दिन बाद आठ जनवरी को लोकनायक अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इसकी नौ जनवरी को छोटी नसों में खून के थक्के बनने (डिसेमिनेटेड इंट्रावास्कुलर कोगुलेशन) के कारण मौत हो गई।

आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, 9 जनवरी से 12 जनवरी के बीच मरने वाले 97 कोविड रोगियों में से 70 का टीकाकरण नहीं हुआ था, जबकि 19 ने पहली खुराक ली थी। उनमें से केवल आठ लोगों को पूरी तरह से टीका लगाया गया था। यानी मरने वालों में केवल आठ लोग ही ऐसे थे जिनकी टीके के बाद भी मौत हुई।

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