गणतंत्र दिवस: इन 10 देशभक्ति फिल्मों को देख जग जाएगी देश के प्रति जुनून की भावना

नई दिल्ली। 26 जनवरी यानि गणतंत्र दिवस देश में बड़ी धूमधाम से मनाया जाता है। इस राष्ट्रीय पर्व में हर भारतीय के अंदर देशभक्ति की भावना जाग जाती है। 26 जनवरी 2022 को भारत अपना 73वां गणतंत्र दिवस मनाएगा। बॉलीवुड में भी देशभक्ति के तर्ज पर कई फिल्में बनी हैं। आज हम आपको बॉलीवुड के कुछ ऐसे फिल्मों के बारे में बताने जा रहे हैं जिसे देख आपके अंदर भी जोश भर जाएगा।

तो आइए इस गणतंत्र दिवस के मौके पर इन देशभक्ति फिल्मों को देख कर हम अपने देश के लिए बलिदान देने वाले स्वतंत्रता सेनानियों और वीर जवानों के प्रति अपनी भावनाएं जाहिर करें।

उपकार

1967 में आई देशभक्ति के जज्बे से भरी  इस फिल्म को बनाने का मकसद था “जय जवान, जय किसान” के नारे को बुलंद करना। फिल्म में मनोज कुमार के अभिनय ने लाखों करोड़ों देशवासियों का दिल जीत लिया था। फिल्म में मनोज कुमार का नाम “भारत” था। इसी फिल्म के बाद लोग उन्हें भारत कुमार बुलाने लगे थे।

क्रांति

क्रांति फिल्म 1981 में आई थी। फिल्म की कहानी काल्पनिक है और तब की है जब अंग्रेजों ने चालाकी से एक रियासत को अपने चंगुल में ले लिया है। सेनापति को भागना पड़ता है। उसका अपना परिवार बिछड़ जाता है। सेनापति और उसका बेटा अंग्रेजों के खिलाफ संघर्ष करते हैं। 

कर्मा

1986 में आई मल्टीस्टार्स फिल्म ‘कर्मा’ में देश में बढ़ते आतंक के साए को दिखाया गया है। फिल्म की कहानी में दिखाया गया था कि किस तरह से  दिलीप कुमार कुछ कैदियों की मदद से आतंक का खात्मा करते हैं। फिल्म का गाना- हर करम अपना करेंगे ऐ वतन तेरे लिए..आज भी सुना जाता है।

बॉर्डर

1997 में बनी फिल्म ‘बॉर्डर’ में राजस्थान की सीमा पर 1971 की भारत-पाक युद्ध को दर्शाया गया है। सच्ची घटना पर आधारित इस फिल्म को जेपी दत्ता ने डायरेक्ट किया है। फिल्म में दिखाया गया है कि विपरीत परिस्थितियों में राजस्थान की सीमाई पोस्ट पर 120 भारतीय जवानों ने पूरी रात पाकिस्तानी टैंकों की रेजिमेंट को रोक कर रखा। अंत में उन्हें भागना पड़ा। इस फिल्म की कहानी भावुकता से भरी है। 

लगान

अंग्रेजों से संघर्ष को लेकर कई फिल्में बनी हैं इसमें आमिर खान की फिल्म ‘लगान’ भी एक है। गांव वालों पर अंग्रेजों का शोषण होता है। वो ज्यादा कर लगाते हैं। कर हटाने को लेकर उनकी शर्त है कि अगर उन्हें क्रिकेट मैच में हरा दिया जाए तो ऐसा हो सकता है। बाद में कभी क्रिकेट नहीं खेलने वाले गांव वाले एक टीम बनाते हैं और अंग्रेजों को हरा भी देते हैं। देशप्रेम की भावनाओं से ओतप्रोत ये फिल्म काफी सफल रही थी।

एलओसी- कारगिल

साल 2003 में आई फिल्म की कहानी 1999 के भारत-पाक के बीच कारगिल युद्ध की थी। इसे जेपी दत्ता ने निर्देशित किया था। फिल्म में कारगिल शहीदों की कहानियां हैं। ये फिल्म लोगों को भावुक होने पर मजबूर कर देती है। 

लक्ष्य

‘लक्ष्य’ 2004 में बनी हिन्दी भाषा की फरहान अख्तर द्वारा निर्देशित बॉलीवुड फिल्म थी। इसके अभिनेता ऋतिक रोशन, प्रीति जिंटा, अमिताभ बच्चन, ओम पुरी और बोमन ईरानी हैं।  ऋतिक लेफ्टिनेंट करण शेरगिल (बाद में कैप्टन) की भूमिका में हैं, जो अपनी टीम का नेतृत्व कर आतंकवादियों पर जीत पाते हैं। यह 1999 के कारगिल युद्ध के संघर्ष की ऐतिहासिक घटनाओं पर आधारित एक काल्पनिक कहानी थी

मंगल पांडे

देश के महान क्रांतिकारी ‘मंगल पांडे’ के जीवन पर 2005 में केतन मेहता ने ‘मंगल पांडे – द राइजिंग’ टाइटल से फिल्म बनाई। इस फिल्म में मंगल पांडे का किरदार आमिर खान ने निभाया था। हालांकि, यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर बड़ा धमाल नहीं कर पाई। लेकिन, देशभक्ति की भावनी से भरी इस फिल्म में मंगल पांडे के बारे में जानने के लिए कई अहम बाते हैं।

फिल्म राजी

आलिया भट्ट और विक्की कौशल की फिल्म ‘राजी’ ने बॉक्स ऑफिस शानदार कमाई की थी। इस ‘फिल्म’ को मेघना गुलजार ने डायरेक्ट किया था। इस फिल्म में दिखाया गया है कि कैसे आलिया को जासूस बनाकर पाकिस्तान भेजा जाता है। जहां से वह भारत को खूफिया जानकारी देती हैं। फिल्म में आलिया भट्ट के अलावा विक्की कौशल मुख्य भूमिका में हैं।

उरी: द सर्जिकल स्ट्राइक

विक्की कौशल की फिल्म ‘उरी: द सर्जिकल स्ट्राइक’ फिल्म पाकिस्तान में बैन है। इस फिल्म में 2016 में उरी आतंकवादी हमले का जवाब देते हुए भारत ने जो सर्जिकल स्ट्राइक की थी उसे दिखाया गया है। इस फिल्म में भारतीय आर्मी अफसर की बहादुरी दिखाई गई है। फिल्म को देखने के बाद आपको भारतीय सैनिकों पर गर्व होगा।

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