नहीं टलेंगे चुनाव! चुनाव आयोग ने प्रेस कांफ्रेंस कर बताई पूरी योजना, कहा- ऐसे की जाएगी तैयारी

लखनऊ। हाल ही में इलाहाबाद हाईकोर्ट की सिंगल बेंच में कोरोना के नए वैरिएंट ओमिक्रोन के बढ़ते मामलों को देखते हुए चुनावों की तरीख आगे बढ़ाने की अपील की गई थी। इसके बाद चुनाव आयोग ने तीन दिन लखनऊ का दौरा कर सियासी दलों और स्वास्थ्य एवं प्रशासनिक अधिकारियों से बात करने के बाद अपना फैसला सुनाने का मन बनाया था। मगर, बीच में ही खबर आ रही है कि चुनाव आयोग ने आज एक प्रेस कांफ्रेंस के माध्यम से यह बताया कि सभी राजनैतिक दल एकमत से समय पर आगामी विधानसभा चुनावों को कराने का समर्थन कर रहे हैं। साथ ही यह भी बताया गया कि सभी दलों ने कोरोना के संभावित संकट को देखते हुए सभी सुरक्षात्मक पहलुओं को ध्यान में रखते हुए चुनाव कराने की बात की, जिस पर फिलहाल चुनाव आयोग ने भी हामी भर दी है।

खबरों के मुताबिक़ चुनाव आयोग ने बताया कि उत्तर प्रदेश के सभी दलों ने उनसे समय पर चुनाव कराने की मांग की है। मतलब कोरोना के नए वैरिएंट ओमिक्रॉन की वजह से चुनाव शायद अब ना टाला जाए।

वहीं लखनऊ में अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में मुख्य निर्वाचन आयुक्त सुशील चंद्रा ने बताया कि 18 से 19 साल के नए मतदाताओं की तादाद पिछले चुनाव से तीन गुना ज्यादा है। इसमें हजार पुरुष मतदाताओं में 839 महिलाओं का अनुपात अब 868 हो गया है। मतलब पांच लाख महिला मतदाता बढ़ी हैं।

उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग का मकसद स्वतंत्र, निष्पक्ष, सुरक्षित, प्रलोभन मुक्त कालाधन मुक्त चुनाव कराना है। वह बोले कि पांच जनवरी तक फाइनल मतदाता सूची जारी होगी, लेकिन नामांकन के आखिरी दिन तक भी अतिरिक्त सूची बन सकेगी।

लखनऊ में हुई चुनाव आयोग की प्रेस कॉन्फ्रेंस में सुशील चंद्रा ने उन सुझावों के बारे में भी बताया गया जो राजनीतिक दलों की तरफ से उनको मिले हैं। यह सुझाव कुछ इस प्रकार हैं :

  • कोविड प्रोटोकॉल का पालन करते हुए समय से चुनाव हों, सभी दलों की तरफ से मांग हुई।
  • दिव्यांग और 80 साल से ज्यादा बुजुर्ग मतदाताओं को घर से ही मतदान करने की सुविधा मिले।
  • साथ ही दिव्यांग और 80 साल से ज्यादा बुजुर्गों की अलग पहचान वाली सूची भी जारी करने की मांग की गई।
  • रैलियों की संख्या और रैलियों शामिल लोगों की संख्या सीमित हो।

वहीं चुनाव आयोग ने यह भी बताया कि कोरोना संकट को ध्यान में रखते हुए यूपी में पोलिंग बूथ की संख्या को 11 हजार तक बढ़ाया जाएगा। एक बूथ पर पहले 1500 वोट होते थे, जिन्हें घटाकर 1200 किया गया है। बता दें कि अगले साल की शुरुआत में पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव होने हैं। इसमें उत्तर प्रदेश, पंजाब, गोवा, उत्तराखंड और मणिपुर शामिल है।

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