वतन वापसी पर मुस्कुरा उठे यूक्रेन में फंसे मायूस चेहरे, बोले लोग- मोदी है तो मुमकिन है

नई दिल्ली। यूक्रेन और रूस के मध्य ठना युद्ध भले ही तीसरे विश्व युद्ध के संकेत दे रहा हो, लेकिन ऐसे में भी भारतीयों की सुरक्षा को लेकर देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी काफी सक्रिय है। देश में चल रहे विधानसभा चुनावों के बीच उन्होंने यूक्रेन में फंसे भारतीयों की वापसी के लिए ‘ऑपरेशन गंगा’ चलाया। इसके तहत बीते 24 घंटों में तीन उड़ाने यूक्रेन के लिए रवाना की जा चुकी हैं। वहीं अब तक करीब 500 भारतीयों को उस युद्ध भूमि से वतन वापस लाया जा चुका है। ऐसे में यह मामला ट्विटर पर भी तेजी से ट्रेंड कर रहा है और कहा जा रहा है कि “मोदी है तो मुमकिन है।”

खबरों के मुताबिक़ रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच भारत ने करीब 500 नागरिकों को निकाल लिया है। ‘ऑपरेशन गंगा’ के तहत पिछले 24 घंटों में भारतीय नागरिकों को लेकर कुल तीन उड़ानें भरी गईं। इनमें से दो उड़ानें दिल्‍ली उतर भी चुकी हैं।

बताया जा रहा है कि तिरंगा हाथों में लिए भारतीयों का जत्‍था जब रवाना हुआ तो ट्विटर पर दनादन तस्‍वीरें आनी शुरू हुईं। इन तस्‍वीरों को दुनिया में भारत की बढ़ती ताकत का सबूत पेश किया गया।

ट्विटर पर ‘मोदी है तो मुमकिन है’ ‘न्‍यू इंडिया’ जैसे हैशटैग्‍स के साथ कई पोस्‍ट किए गए हैं। यूक्रेन के अलावा पिछले कुछ सालों के दौरान विदेश में किए गए अन्‍य रेस्‍क्‍यू मिशंस का भी जिक्र किया गया।

‘ऑपरेशन गंगा’ के तहत रेस्‍क्‍यू मिशन को पोलैंड, रोमानिया, हंगरी और स्लोवाकिया में सक्रिय किया गया है। इन देशों में यूक्रेन के साथ सीमा पर विशेष शिविर लगाए गए हैं।

वहीं विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने ‘ऑपरेशन गंगा’ के लिए पूर्ण समर्थन देने के लिए अपने हंगरी के समकक्ष को धन्यवाद दिया। जयशंकर ने कहा कि 240 भारतीय नागरिकों के साथ ऑपरेशन गंगा की तीसरी उड़ान ने बुडापेस्ट से दिल्ली के लिए उड़ान भरी है।

बुडापेस्ट से दूसरी फ्लाइट शनिवार को 250 भारतीय नागरिकों को लेकर दिल्ली के लिए रवाना हुई। 219 भारतीय नागरिकों के साथ मुंबई के लिए रोमानिया से पहली उड़ान उड़ान भरी थी। यूक्रेन की राजधानी कीव में भारतीय दूतावास ने अडवाइजरी जारी की है कि हमारे अधिकारियों को बताए बिना किसी भी सीमा चौकी की ओर न बढ़ें, क्योंकि उन्हें निकालना मुश्किल हो रहा है जो बिना सूचना दिए चौकियों पर पहुंच गए हैं। यूक्रेन के पूर्वी हिस्से में रह रहे भारतीय जितना संभव हो सके घरों या शेल्टर होम में रहें।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published.

2 × 5 =

Back to top button