दिग्विजय ने BJP पर लगाया पैसे देकर पत्थर फिकवाने का आरोप तो गृहमंत्री ने दिया ये करारा जवाब

नई दिल्ली। एमपी के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह ने एक बार फिर भाजपा को निशाने पर लिया। हाल ही में हुई सांप्रदायिक हिंसा और पथराव की घटना पर उन्होंने बोलते हुए आरोप लगाया कि जो कुछ भी हो रहा है, वो भाजपा के इशारों पर ही हो रहा है। भाजपा द्वारा गरीब मुसलमान लड़कों को पैसे देकर पत्थर फिकवाने का काम किया गया, जिसके कारण हिंसा पैदा हुई। वहीं दिग्विजय के इस बयान पर एमपी गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने भी करार पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि इस तरह का बयान देकर आपने स्पष्ट कर दिया है कि पत्थर कहां से आए हैं। उन्होंने कहा कि किसी व्यक्ति के बारे में ऐसा कहते तो इतनी पीढ़ा नहीं होती, लेकिन एक कौम को बदनाम करने का काम आपने किया है। वह भी इस पवित्र माह में अच्छा नहीं किया।

खबरों के मुताबिक़ पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह 2 दिवसीय दौरे के दौरान सोमवार रात नीमच जिले की जावद विधानसभा के ग्राम मोड़ी पहुंचे थे। जहां वे एक दलित कार्यकर्ता के घर रात्रि विश्राम करने रुके थे, वहीं मंगलवार सुबह जन जागरण रैली में शामिल हुए थे। इस दौरान मोड़ी माता के दर्शन भी उन्होंने किए। वहीं, कार्यक्रम के बाद प्रेस वार्ता में दिग्विजय ने पत्रकारों से चर्चा की और बीजेपी पर गंभीर आरोप लगाए।

बता दें इससे पहले भी दिग्विजय सिंह खरगोन हिंसा को लेकर बीजेपी पर कई तरह के गंभीर आरोप लगा चुके हैं। कुछ दिनों पहले ही उन्होंने एक ट्वीट कर बीजेपी पर साम्प्रदायिक उन्माद फैलाने का आरोप लगाया था।

अपने ट्वीट में भाजपा पर सांप्रदायिक उन्माद फैलाने का आरोप लगाते हुए कांग्रेस नेता ने लिखा था कि “भाजपा यह जानती है कि बिना पत्थर उछाले कुर्सी नहीं मिलती है। इसलिए हथियार के रूप में कभी जज़्बात को तो कभी जान को हथियार बनाती है। साम्प्रदायिक उन्माद भाजपा का सबसे ख़तरनाक राजनीतिक हथियार है। जिस जिले में दंगा होगा उसकी पूरी जवाबदेही जिला कलेक्टर व एसपी की होगी, यदि यह संदेश मुख्यमंत्री दे दें तो कभी दंगा नहीं हो सकता। मेरे 10 वर्षों के कार्यकाल में एक भी सांप्रदायिक दंगा नहीं हुआ।”

वहीं,खरगोन हिंसा को लेकर उनके गलत फोटो पोस्ट करने को लेकर बीजेपी ने उन पर एफआईआर दर्ज कराई है। वहीं,गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने दिग्विजय सिंह के बयान पर पलटवार कर कहा कि दिग्विजय सिंह को क्या हो गया समझ नहीं आ रहा है। पहले तुष्टीकरण की राजनीति के लिए एक कौम को खुश करने के लिए पुलिस पर सवाल उठाए, न्यायपालिका पर सवाल उठाए और अब उस कौम को ही बिकाऊ बता दिया कि पैसे लेकर पत्थर फेंकते हैं। आपने एक बात तो स्पष्ट कर दी कि पत्थर कहां से आए थे और किसने फेंके थे। आपके पास क्या सबूत है कि उस कौम ने पैसे लेकर पत्थर फेंके। किसी व्यक्ति के बारे में ऐसा कहते तो इतनी पीढ़ा नहीं होती, लेकिन एक कौम को बदनाम करने का काम आपने किया है। वह भी इस पवित्र माह में अच्छा नहीं किया।

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