फिलहाल के लिए टल गए दिल्ली के MCD चुनाव, तीनों निगमों को एक करने की मिली मंजूरी

नई दिल्ली। हाल ही में हुए पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों में से चार राज्यों में जीत हासिल करने के बाद केंद्र शासित भाजपा सरकार ने दिल्ली के तीनों निगमों को एक करने का मामला उठाया था। इस पर दिल्ली के सीएम केजरीवाल ने आपत्ति जताते हुए कहा था कि केंद्र ऐसा इस लिए कर रही है, क्योंकि वह जानती है कि यदि अभी चुनाव कराए गए तो पंजाब के बाद यहां भी भाजपा को हार का सामना करना होगा। हालांकि, केंद्र अपने फैसले पर बनी रही। फलस्वरूप ताजा मामले में लोकसभा और राज्यसभा में मत हासिल करने के बाद इस फैसले पर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने भी अपनी मुहर लगा दी है कि दिल्ली में अब तीनों निगमों को एक कर दिया जाए।

खबरों के मुताबिक़ दिल्ली के तीनों नगर निगमों को एक करने का बिल लोकसभा और राज्यसभा में पास होने के बाद अब उसे राष्ट्रपति की मंजूरी मिल गई है। राष्ट्रपति की मंजूरी मिलते ही दिल्ली के तीनों निगमों को एक करने वाला विधेयक कानून बन चुका है।

बता दें के इस बिल के खिलाफ आम आदमी पार्टी ने विरोध किया था, उन्होंने कहा था कि केंद्र सरकार इस बिल को दिल्ली एमसीडी चुनाव में देरी करने के लिए लाई है।

ध्यान रहे, शीला दीक्ष‍ित सरकार की ओर से लिए गए एक फैसले के बाद साल 2011 में दिल्ली निगमों को विभाजित किया गया था।

बताया जा रहा है कि दिल्ली के तीनों नगर निगम के एकीकरण के लिए दिल्ली नगर निगम अधिनियम (संशोधन) अधिनियम-2022 को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने मंजूरी दे दी है और इसकी अधिसूचना भी जारी हो गई है। इसके लिए कानून मंत्रालय की सेक्रेटरी डॉ. रीता वशिष्ठ की ओर से इस संबंध गजट नोटिफिकेशन जारी कर दिया गया है।

विधेयक के कानून बनने के बाद दिल्ली में तीनों नगर निगम के एककीरण के लिए डीलिमिटेशन की प्रक्रिया की जाएगी और इसके बाद दिल्ली नगर निगम के चुनाव में काफी समय लगेगा। क्योंकि इसके लिए फिर से तीनों निगमों के डीलिमिटेशन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद दिल्ली नगर निगम के चुनाव होंगे। दिल्ली नगर निगमों नार्थ, साउथ और ईस्‍ट को दिल्ली नगर निगम के रूप में जाना जाएगा।

दिल्ली में अब एससीडी चुनाव के बाद तीन की बजाय एक महापौर और तीन निगमायुक्त की बजाय एक निगमायुक्त होगा। बता दें, दिल्ली नगर निगम के एकीकरण के बिल को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने दोनों सदनों लोकसभा और राज्यसभा में पेश किया था। दिल्ली नगर निगम के एकीकरण के बिल को सदन में पेश करते हुए अमित शाह ने दिल्ली सरकार पर एमसीडी से सौतेले व्यवहार का आरोप लगाया था।

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