21 मार्च को ताजपोशी! नई सरकार के गठन के लिए योगी समेत कई वरिष्ठ नेता दिल्ली रवाना

नई दिल्ली। यूपी में भाजपा की प्रचंड जीत के बाद नई सरकार के गठन को लेकर तैयारियां जोरों पर हैं। इसी बीच यह भी खब्त आई थी कि योगी आदित्यनाथ दोबारा सीएम की शपथ होली से पहले ही ले लेंगे। मगर, मोदी और शाह के दो दिवसीय गुजरात दौरे ने इन कयासों को खारिज कर दिया। अब ताजा खबर ये हैं कि योगी आदित्यनाथ समेत भाजपा प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्रदेव सिंह, केशव प्रसाद मौर्य आज यानी रविवार को दिल्ली पहुंच रहे हैं। वहीं इस दौरान यह भी जानकारी सामने आई है कि योगी आदित्यनाथ इस सिलसिले में दो दिन तक दिल्ली में ही रहेंगे।

यहां भाजपा के सभी वरिष्ठ नेताओं के साथ शीर्ष नेत्रित्व की बैठक होगी, जिसमें यूपी में बनने वाली नई सरकार की रूपरेखा का खाका खींचा जाएगा।

खबरों के मुताबिक़ आज भाजपा के शीर्ष नेतृत्व व राष्ट्रीय पदाधिकारियों की बैठक होगी जिसमें नई सरकार का खाका खींचा जाएगा। भाजपा विधायक दल के नेता चयन के लिए भी एक-दो दिन में केंद्रीय पर्यवेक्षक की नियुक्ति हो जाने की संभावना है। होली के  बाद 21 मार्च को नई सरकार का शपथ ग्रहण हो सकता है।

सत्रहवीं विधानसभा के भंग होने तथा योगी आदित्यनाथ के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे देने के बाद नई सरकार के गठन की कवायद शुरू हो गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह के गुजरात दौरे की वजह से सीएम योगी व प्रदेश के भाजपा के नेताओं का दिल्ली दौरा दो दिन टल गया था। मोदी और शाह शनिवार शाम दिल्ली लौट आए। अब योगी और प्रदेश भाजपा के नेता रविवार को दिल्ली जा रहे हैं।

बताया जा रहा है कि योगी दिल्ली में मोदी, शाह, भाजपा अध्यक्ष जे.पी. नड्डा, राधा मोहन सिंह, धर्मेंद्र प्रधान, बीएल संतोष तथा पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेताओं से भेंट करेंगे। इसके बाद भाजपा के केंद्रीय व प्रदेश के नेताओं की बैठक में नई सरकार के गठन को लेकर विचार-विमर्श होगा।

सूत्रों के अनुसार दिल्ली में होने वाली बैठक में विधायक दल के नेता के चयन की औपचारिकता पूरी करने, मंत्रिमंडल के आकार और उसमें शामिल किए जाने वाले चेहरों, शपथ ग्रहण की तारीख आदि पर चर्चा होगी। इसी के साथ केशव प्रसाद मौर्य की भविष्य में भूमिका को लेकर भी बैठा में चर्चा होने की संभावना है। सूत्रों का कहना है कि शीर्ष नेतृत्व की हरीझंडी मिल जाती है तो होली के तत्काल बाद 21 मार्च को नई सरकार का शपथ ग्रहण हो सकता है। इससे पहले केंद्रीय पर्यवेक्षक को लखनऊ भेजकर विधायक दल के नेता चयन कराने की औपचारिकता पूरी किए जाने के भी संकेत हैं।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published.

eleven + 20 =

Back to top button